{"_id":"5c7c531cbdec227370401de5","slug":"delhi-lahore-goodwill-bus-service-can-be-closed","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बंद हो सकती है दिल्ली-लाहौर सद्भावना बस सेवा, डीटीसी ने भेजा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद हो सकती है दिल्ली-लाहौर सद्भावना बस सेवा, डीटीसी ने भेजा प्रस्ताव
Mon, 04 Mar 2019 03:50 AM IST
Priyesh Mishra
अरुण कुमार, दिल्ली
अरुण कुमार, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 04 Mar 2019 03:50 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली लाहौर बस सेवा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर रिश्ते कायम करने के लिए शुरू की गई दिल्ली-लाहौर सद्भावना बस सेवा बंद हो सकती है। पर्याप्त राजस्व न जुटा पाने के चलते इस बस सेवा का भविष्य पहले से ही ज्यादा बेहतर नहीं था। अब पुलवामा में हमले के बाद से स्थिति और प्रभावित हुई है। यात्रियों के अभाव और घाटे का हवाला देते हुए डीटीसी ने सेवा बंद करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया है।
दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरूआत 19 फरवरी 1999 को हुई थी। इसे संसद पर आतंकी हमले के बाद 2001 में बंद कर दिया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार आने के बाद 16 जुलाई 2003 को यह सेवा फिर से शुरू हुई।
भारत से डीटीसी की यह बस सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को लाहौर के लिए रवाना होती है। जबकि पाकिस्तान की बस मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दिल्ली पहुंचती है। डीटीसी सूत्रों की मानें तो दिल्ली-लाहौर सद्भावना बस सेवा में यात्रियों की संख्या सामान्य से कुछ कम रहती थी। अब पिछले छह महीनों में यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई।
विज्ञापन
दिल्ली से लाहौर जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या पाकिस्तान से आने वाली बसों में की तुलना में शुरू से करीब दो गुनी ज्यादा रही है। लेकिन, 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद सद्भावना बस सेवा में यात्रियों की संख्या में और तेजी से गिरावट दर्ज हुई है।
विज्ञापन
दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरूआत 19 फरवरी 1999 को हुई थी। इसे संसद पर आतंकी हमले के बाद 2001 में बंद कर दिया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार आने के बाद 16 जुलाई 2003 को यह सेवा फिर से शुरू हुई।
विज्ञापन
भारत से डीटीसी की यह बस सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को लाहौर के लिए रवाना होती है। जबकि पाकिस्तान की बस मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दिल्ली पहुंचती है। डीटीसी सूत्रों की मानें तो दिल्ली-लाहौर सद्भावना बस सेवा में यात्रियों की संख्या सामान्य से कुछ कम रहती थी। अब पिछले छह महीनों में यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई।
विज्ञापन
दिल्ली से लाहौर जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या पाकिस्तान से आने वाली बसों में की तुलना में शुरू से करीब दो गुनी ज्यादा रही है। लेकिन, 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद सद्भावना बस सेवा में यात्रियों की संख्या में और तेजी से गिरावट दर्ज हुई है।
पुलवामा हमले के बाद यात्रियों की संख्या में आई गिरावट
पुलवामा हमले के अगले दिन दिल्ली से पाकिस्तान जाने वाली बस में यात्रियों की बढ़कर 30 हो गई। 16 फरवरी को दिल्ली में रोष की स्थिति के बीच केवल एक पुरुष यात्री पाकिस्तान से दिल्ली पहुंचा। 18 फरवरी को दिल्ली से पाकिस्तान के लिए 9 यात्री रवाना हुए। अगले दिन 19 फरवरी को पाकिस्तान जाने के लिए एक भी यात्री आंबेडकर स्टेडियम नहीं पहुंचा। जबकि पाकिस्तान से महज 4 यात्री ही दिल्ली पहुंचे। इसके बाद से 3 मार्च तक सद्भावना बस के यात्रियों की संख्या औसतन 3-4 बनी हुई है।
अभिनंदन के बंधक बनाने से भी पड़ा फर्क
भारतीय पायलेट अभिनंदन को पाकिस्तान में बंधक बना लिए जाने के चलते भी बस सेवा प्रभावित हुई। पाकिस्तान में फंसने और उनके साथ हुई मारपीट को लेकर भी लोगों में पाकिस्तान के प्रति रोष की स्थिति है।
पर्याप्त राजस्व ना जुटने से घाटे मेें डीटीसी
डीटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली से पाकिस्तान के बीच चल रही सद्भावना बस सेवा से वर्तमान में खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। विभाग काफी समय से घाटा झेल रहा है। पुलवामा हमले के बाद से सेवा और ज्यादा प्रभावित हो गई है। लगातार हो रहे घाटे की केंद्र सरकार को जानकारी दी जा चुकी है। इसे बंद करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय केन्द्र सरकार लेगी। तब तक बस सेवा निरंतर चलेगी।
अभिनंदन के बंधक बनाने से भी पड़ा फर्क
भारतीय पायलेट अभिनंदन को पाकिस्तान में बंधक बना लिए जाने के चलते भी बस सेवा प्रभावित हुई। पाकिस्तान में फंसने और उनके साथ हुई मारपीट को लेकर भी लोगों में पाकिस्तान के प्रति रोष की स्थिति है।
पर्याप्त राजस्व ना जुटने से घाटे मेें डीटीसी
डीटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली से पाकिस्तान के बीच चल रही सद्भावना बस सेवा से वर्तमान में खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। विभाग काफी समय से घाटा झेल रहा है। पुलवामा हमले के बाद से सेवा और ज्यादा प्रभावित हो गई है। लगातार हो रहे घाटे की केंद्र सरकार को जानकारी दी जा चुकी है। इसे बंद करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय केन्द्र सरकार लेगी। तब तक बस सेवा निरंतर चलेगी।