किडनैपिंग की अनोखी कहानी: 13 साल के बच्चे को भनक तक नहीं उसका हो चुका अपहरण, क्यूआर कोड भेजकर पकड़ा गया शातिर
किशोर ने पुलिस को बताया कि एक सितंबर को उसके एक दोस्त के बर्थडे पर उसकी मुलाकात आकाश से हुई थी। शुक्रवार रात जब आकाश उसे मिला, तो उसने बातों में उलझाकर स्कूटी पर घूमने का ऑफर दिया और मासूम बिना किसी शक के उसके साथ चला गया।
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मौजमस्ती और महंगे शौक पूरे करने के लिए एक सिरफिरे ने 13 साल के मासूम का अपहरण कर लिया। आरोपी बच्चे को स्कूटी पर बैठाकर मजे से घुमाता रहा और इधर परिवार वाले उसकी सलामती की दुआ मांगते रहे। गनीमत यह रही कि दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज तीन घंटे के भीतर ही आरोपी को धर दबोचा और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
बर्थडे पार्टी से शुरू हुई कहानी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना 30 अक्टूबर की है। ज्योति नगर में रहने वाली एक महिला ने रात करीब सवा सात बजे पुलिस को सूचना दी कि उनका 13 साल का बेटा कुछ सामान खरीदने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ ही देर बाद एक अनजान नंबर से फोन आया और कॉलर ने बच्चे को छोड़ने की एवज में 40 हजार रुपये की फिरौती मांग दी। रुपये न देने पर मासूम को जान से मारने की धमकी भी दी गई। एसएसपी और थाना प्रभारी की देखरेख में तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
स्कूटी पर घूमता रहा मासूम, बेखबर था साजिश से
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब आरोपी आकाश (22) से पूछताछ हुई, तो एक दिलचस्प बात सामने आई। जिस वक्त आरोपी परिवार से फिरौती मांग रहा था, उस वक्त 13 साल का मासूम पूरी तरह से बेखबर था कि उसका अपहरण हो चुका है। वह तो आरोपी आकाश के साथ बड़े मजे से स्कूटी पर घूम रहा था।
किशोर ने पुलिस को बताया कि एक सितंबर को उसके एक दोस्त के बर्थडे पर उसकी मुलाकात आकाश से हुई थी। शुक्रवार रात जब आकाश उसे मिला, तो उसने बातों में उलझाकर स्कूटी पर घूमने का ऑफर दिया और मासूम बिना किसी शक के उसके साथ चला गया।
ऑनलाइन पेमेंट के जाल में फंसा शातिर
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर की लोकेशन खंगालनी शुरू की। आरोपी ने कैश लेने से इनकार करते हुए ऑनलाइन पैसे भेजने को कहा। उसने पीड़ित की मां को एक क्यूआर कोड भेजा। पुलिस ने जब उस कोड की पड़ताल की, तो वह करावल नगर के एक साइबर कैफे का निकला। पुलिस ने तुरंत शातिराना अंदाज अपनाते हुए उस पर 5 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ऐसे पुलिस के जाल में फंसा शातिर
साइबर कैफे संचालक सुनील सैनी ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने 50 रुपये कमीशन की बात कहकर अपना क्यूआर कोड भेजा था और वह पैसे लेने के लिए एक अन्य नाबालिग लड़के के साथ आया था। पुलिस ने जाल बिछाकर जैसे ही आरोपी को दोबारा पैसे ट्रांसफर किए और वह उन्हें निकालने पहुंचा, वैसे ही पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। मौके से अगवा किए गए बच्चे को भी सकुशल बचा लिया गया।
महंगे शौक बने बर्बादी की वजह
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आकाश मूल रूप से लोनी, गाजियाबाद का रहने वाला है और सदर बाजार में डिलीवरी का काम करता है। उसे महंगे कपड़े पहनने और अच्छे खाने का शौक था। इसी अय्याशी को पूरा करने के लिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। उसकी हरकतों से तंग आकर परिवार ने उसे पहले ही घर से बेदखल कर दिया था।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन, स्कूटी, फिरौती के 5 हजार रुपये और अन्य सामान बरामद कर लिया है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस साजिश में उसके साथ कोई और भी शामिल था या नहीं।