JNU: डीन ऑफ स्टूडेंट्स को तीन घंटे तक बंधक बनाकर पीटा, ये थी वजह
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रों ने एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा को ठेस पहुंचाई है। कैंपस में सोमवार को पौने तीन घंटे तक डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. उमेश कदम को बंधक बनाकर मारपीट की।
इसके चलते उक्त अधिकारी को मानसिक आघात पहुंचा, हाथ में भी चोट लगी। इस मामले में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने पुलिस में शिकायत दे दी है, जबकि विश्वविद्यालय ने कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जेएनयू के डीन ऑफ स्टूडेंट्स कार्यालय ने सोमवार सुबह दस बजे हॉस्टल की मेस फीस व लेट फीस पर जुर्माना राशि की बढ़ोतरी मामले पर नोटिस निकाला था। सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे जेएनयू छात्रसंघ समेत हॉस्टल के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट्स कार्यालय पहुंच गए।
इसी बीच कुछ छात्रों ने प्रदर्शनकारियों को अंदर बुला लिया। साढ़े 11 बजे से पौने तीन बजे तक छात्रों ने प्रो. कदम को बंधक बनाकर लिखित में पूर्व में जारी सभी आदेशों को रद्द करने का दबाव बनाया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के मुताबिक, छात्रों का उग्र रूप देखकर प्रो. कदम बाहर जाने लगे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद करते हुए उन्हें सोफे पर धक्का मार दिया। कुछ छात्रों ने पीटा भी, जिससे उनके बाएं हाथ में चोट लगी। प्रो. कदम का ब्लड प्रेशर हाई हो गया, जिसके चलते उन्हें मानसिक आघात पहुंचा।
उधर, इस मामले में प्रो. कदम ने चीफ प्रोक्टर को लिखित शिकायत दी है, जबकि चीफ सिक्योरिटी अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी तीन बार छात्रों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए कुलपति से लेकर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को बंधक बनाकर मारपीट की है।
1973 के बाद पहली बार मेस फीस में बढ़ोतरी
वर्ष 1973 के बाद जेएनयू में पहली बार मेस फीस में बढ़ोतरी हुई है, जबकि मेस फीस समय पर न देने पर पहले एक रुपये जुर्माना लगता था, जिसे बढ़ाकर बीस रुपये किया गया है।