{"_id":"692a06640de4b5c7a208602f","slug":"delhi-in-case-of-emergency-engineers-can-get-work-done-up-to-rs-10-lakh-without-tender-2025-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: आपात स्थिति में बिना टेंडर 10 लाख तक के काम करा सकेंगे इंजीनियर, दिल्ली सरकार ने दी हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: आपात स्थिति में बिना टेंडर 10 लाख तक के काम करा सकेंगे इंजीनियर, दिल्ली सरकार ने दी हरी झंडी
Sat, 29 Nov 2025 02:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 29 Nov 2025 02:00 AM IST
सार
इस फैसले से रखरखाव देखने वाले अधीक्षण अभियंताओं को बिना टेंडर के इमरजेंसी काम कराने में सहूलियत मिलेगी। दिल्लीवासियों के पास मौका होगा कि पानी-सीवर की समस्याओं को वे बिना देरी के दुरुस्त करा पाएंगे। अब अधिकारी बहाने नहीं बना पाएंगे।
विज्ञापन
दिल्ली जल बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली सरकार ने आपात स्थिति में तुरंत मरम्मत के काम शुरू करने के लिए इंजीनियरों को 10 लाख रुपये तक खर्च करने की शक्ति दे दी है। इस फैसले से रखरखाव देखने वाले अधीक्षण अभियंताओं को बिना टेंडर के इमरजेंसी काम कराने में सहूलियत मिलेगी। दिल्लीवासियों के पास मौका होगा कि पानी-सीवर की समस्याओं को वे बिना देरी के दुरुस्त करा पाएंगे। अब अधिकारी बहाने नहीं बना पाएंगे।
विज्ञापन
पानी और सीवर से जुड़े अचानक आने वाले संकटों में अब लोगों को जल्द राहत मिलेगी। इसी मंशा से सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार की मंजूरी के बाद डीजेबी ने इस निर्णय को लागू भी कर दिया है। डीजेबी के वित्त व लेखा निदेशक के प्रस्ताव पर बोर्ड ने मुहर लगाई है।
विज्ञापन
इससे अचानक पानी की लाइन फटने, सीवर लाइन चोक होने या किसी बड़े नुकसान की स्थिति में इंजीनियरों को टेंडर प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे मरम्मत तुरंत शुरू करा पाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का अधिकारियों को सख्त हिदायत है कि जन समस्याएं खत्म करने में जरा सी देर नहीं होनी चाहिए। इस कदम से काम तेजी से होंगे।
विज्ञापन
नए नियम में कोटेशन और टेंडर नहीं
अधीक्षण अभियंता बिना स्पॉट कोटेशन और बिना टेंडर आमंत्रित किए 10 लाख रुपये तक के काम को मंजूर कर लेंगे। हालांकि पारदर्शिता बनाए रखने और दुरुपयोग रोकने के लिए इसमें कई शर्तें जोड़ी गई हैं। सबसे अहम शर्त है कि किसी काम को मंजूरी देने से पहले संबंधित सदस्यों की सहमति जरूरी होगी। इंजीनियर काम शुरू करते समय जनरल
फाइनेंशियल रूल्स, सीपीडब्ल्यूडी मैनुअल, प्रोक्योरमेंट मैनुअल और विभागीय दिशानिर्देशों को हूबहू मानेंगे। ऐसे हर मामले की पूरी रिपोर्ट बनेगी और हर माह 7 तारीख तक डीजेबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजी जाएगी। इसमें भ्रष्टाचार न हो इसपर खास नजर रहेगी।
अन्य विभाग भी इसे जल्द अपनाएंगे
डीजेबी के सभी अधिकारियों को ये सूचना दे दी गई है। सरकार की ओर से कहा गया है कि दिशा निर्देश का सख्ती से पालन किया जाएगा। माना जा रहा है कि जल्द ही दिल्ली सरकार के अन्य विभाग भी आपात स्थितियों में इसी तरह के अधिकार देने पर सहमति बना सकते हैं।