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हाईकोर्ट में आईं पहली महिला चीफ जज
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 13 Apr 2014 07:38 AM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट को न्यायमूर्ति जी रोहिणी के रूप में पहली महिला मुख्य न्यायाधीश मिली हैं। उनकी नियुक्ति आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने की।
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इस तरह दिल्ली उच्च न्यायालय की 40 जजों में महिला जजों की संख्या बढकर 9 से अब 10 हो गयी है।
58 साल की जी रोहिणी आंध प्रदेश हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश रह चुकी हैं और साल 2001 में वह उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुई। दिल्ली उच्च न्यायालय में वह न्यायाधीश एन वी रमन्ना की जगह लेंगी। रमन्ना की नियुक्ति उच्चतम न्यायालय में हो गयी है।
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14 अप्रैल 1955 को विशाखापत्तनम में पैदा हुई जी रोहिणी ने 1976 में विज्ञान लेकर ओस्मानिया यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन किया है। उसके बाद उसी शहर के कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की पढ़ाई की।
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1980 में वकील के रूप में उन्होंने अपना नामांकन करवाया और उसके बाद आंध्र प्रदेश राज्य बार काउंसिल के चेयरमैन कोका राघव राव के ऑफिस में ज्वाइन किया। उसके बाद उन्होंने कोका राघव राव द्वारा स्थापित एपी लॉ जर्नल के लिए लीगल पत्रकारिता भी की।
देश में किसी हाईकोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश, लीला सेठ थी, जो हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश बनी थी। सेठ भी दिल्ली हाईकोर्ट की जज रह चुकी थीं।