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दिल्ली हाईकोर्ट: लोक अभियोजकों के रिक्त पदों को भरने में देरी पर दिल्ली सरकार की खिंचाई

Wed, 18 Jan 2023 09:26 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 18 Jan 2023 09:26 AM IST
सार

दिल्ली सरकार एकमात्र प्राधिकरण है जो इन रिक्तियों को भर सकता है। अदालत ने लोक अभियोजकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सरकार को चार सप्ताह का समय अंतिम समय प्रदान करते हुए अगली तारीख से पहले एक नई स्थिति रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया है। 

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Delhi high court slams delhi government over delay in filling post of public prosecutor
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला अदालतों में लोक अभियोजकों के रिक्त पदों को भरने में देरी को लेकर दिल्ली सरकार की खिंचाई की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि स्थिति रिपोर्ट दायर नहीं की जाती और उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है कि रिक्तियों को क्यों नहीं भरा गया है तो विधि सचिव और अन्य अधिकारी को अगली सुनवाई के दौरान पेश होंगे।

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मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली पहले से ही मामलों के एक बड़े बैकलॉग से त्रस्त है जिसे लोक अभियोजकों की रिक्तियों को जल्द से जल्द भरने से ही दूर किया जा सकता है। 

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दिल्ली सरकार एकमात्र प्राधिकरण है जो इन रिक्तियों को भर सकता है। अदालत ने लोक अभियोजकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सरकार को चार सप्ताह का समय अंतिम समय प्रदान करते हुए अगली तारीख से पहले एक नई स्थिति रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया है। 
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पीठ ने कहा कि स्थिति खतरनाक है जब यह सूचित किया गया कि आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के संबंध में स्वप्रेरणा से रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए लोक अभियोजकों के 108 पद खाली पड़े हैं।वहीं, दिल्ली प्रॉसीक्यूटर्स एसोसिएशन की ओर से पेश अधिवक्ता आशीष दीक्षित ने कहा कि प्रत्येक सरकारी वकील लगभग तीन से चार अदालतों को संभाल रहा है और इसने पूरी आपराधिक न्याय प्रणाली को ठप कर दिया है। 

कोर्ट ने कहा कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भी इस मामले में जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया गया है, जैसा कि इस अदालत ने निर्देश दिया है, जिसमें विफल होने पर यह अदालत सचिव, डीओपीटी की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश देगी। 


न्यायालय ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर रिक्तियों को पूरा करने के लिए उठाए गए कदमों को बताते हुए एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें विफल होने पर विधि सचिव और अन्य अधिकारी व्यक्तिगत रूप से 14 फरवरी को पेश होने का निर्देश दिया है।

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