फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court said that DeepSeek is dangerous so consumers should not use it

Delhi: 'डीपसीक खतरनाक है तो उपभोक्ता न करें इस्तेमाल', जनहित याचिका की सुनवाई पर हाईकोर्ट ने दी टिप्पणी

Tue, 25 Feb 2025 06:12 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 25 Feb 2025 06:12 PM IST
सार

न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यदि यह इतना हानिकारक है तो इसका उपयोग न करें। क्या इसका उपयोग करना आपके लिए अनिवार्य है। डीपसीक के खिलाफ जनहित याचिका में प्लेटफॉर्म की गोपनीयता और सुरक्षा के संबंध में चिंता जताई गई है।

विज्ञापन
Delhi High Court said that DeepSeek is dangerous so consumers should not use it
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने डीपसीक को ब्लॉक करने की जनहित याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने जनहित याचिका की प्राथमिकता पर सुनवाई की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यदि चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी के स्वामित्व वाला प्लेटफॉर्म डीपसीक खतरा पैदा करता है, तो उपयोगकर्ता को इसका उपयोग न करने की भी स्वतंत्रता है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने भारत में डीपसीक को ब्लॉक करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका की जल्द सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया।

विज्ञापन

न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि यदि यह इतना हानिकारक है तो इसका उपयोग न करें। क्या इसका उपयोग करना आपके लिए अनिवार्य है। डीपसीक के खिलाफ जनहित याचिका में प्लेटफॉर्म की गोपनीयता और सुरक्षा के संबंध में चिंता जताई गई है और ऐसे एआई उपकरणों तक पहुंच को अवरुद्ध करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के निर्देश देने की प्रार्थना की गई है। 12 फरवरी को अदालत ने केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील से मामले में निर्देश मांगने को कहा था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इसे 20 फरवरी को फिर से सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन समय की कमी के कारण इसे नहीं लिया जा सका, इसलिए अगली तारीख 16 अप्रैल दी गई थी लेकिन याचिकाकर्ता ने अपने मामले की प्राथमिकता से सुनवाई की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया। जिस पर अदालत ने कहा कि मामले में कोई तात्कालिकता नहीं है क्योंकि डीपसीक जैसे कई प्लेटफार्म भारत में लंबे समय से उपलब्ध है। अदालत ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है जिसकी सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed