फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court said that DDCA elections should be held by November 30

Delhi: '30 नवंबर तक कराएं डीडीसीए का चुनाव', हाईकोर्ट ने दो दिन के भीतर हलफनामा दाखिल करने का दिया निर्देश

Tue, 22 Oct 2024 05:36 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 22 Oct 2024 05:36 AM IST
सार

न्यायाधीश रेखा पल्ली व न्यायमूर्ति संजीव नरुला की पीठ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 30 नवंबर तक चुनाव कराने पर निर्णय नहीं लिया गया, तो फिर अदालत कार्रवाई करेगी।

विज्ञापन
Delhi High Court said that DDCA elections should be held by November 30
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

हाई कोर्ट ने दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) को 30 नवंबर तक डीडीसीए का चुनाव कराने का निर्देश दिया है। साथ ही, उक्त तारीख पर चुनाव कराने के संबंध में दो दिन के भीतर हलफनामा दाखिल किया जाए।

विज्ञापन


न्यायाधीश रेखा पल्ली व न्यायमूर्ति संजीव नरुला की पीठ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 30 नवंबर तक चुनाव कराने पर निर्णय नहीं लिया गया, तो फिर अदालत कार्रवाई करेगी। सुनवाई के दौरान डीडीसीए की तरफ से पेश हुए वकील ने पीठ को बताया कि चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया है। इस पर पीठ ने सवाल किया कि बगैर चुनाव की तारीख तय किए चुनाव अधिकारी कैसे नियुक्त हो सकता है। मामले में अगली सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी।
विज्ञापन


पीठ ने कहा कि मामला अदालत के समक्ष आने पर डीडीसीए ने चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है, जबकि उसे यह प्रक्रिया पहले शुरू करनी चाहिए थी। 27 अक्तूबर को पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। पीठ ने डीडीसीए से कहा कि चुनाव की तारीख तय करके दो दिन के भीतर हलफनामा दाखिल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


चैंबर से संबंधित रिक्तियां अधिसूचित हों : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने वकीलों को चैंबर आवंटन के मुद्दे पर कहा कि चैंबर से संबंधित रिक्तियों को अधिसूचित किया जाना चाहिए जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पात्र अधिवक्ता समान रूप से इसके लिए आवेदन कर सकें। उनकी दावेदारी को भी सुना जाए और फिर चैंबर आवंटित किया जाए। इससे आवंटन प्रक्रिया में अस्पष्टता व मनमानी की भावना पैदा नहीं होगी। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने यह टिप्पणी साकेत कोर्ट के एक खाली चैंबर आवंटित करने के मुद्दे पर एक वकील की दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए की। अदालत ने यह भी कहा कि पेशेवर निकायों के भीतर केवल प्रथा का मामला नहीं होना चाहिए, बल्कि निष्पक्ष और उचित आचरण के सिद्धांत को भी बरकरार रखा जाना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed