फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court said separating married couple from each other is extremely cruel.

Delhi High Court: पति-पत्नी को एक-दूसरे से अलग रखना है 'अत्यधिक क्रूरता', जानिए कोर्ट ने क्यों कही ये बात

Sat, 07 Oct 2023 07:38 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: श्याम जी. Updated Sat, 07 Oct 2023 07:38 PM IST
सार

अदालत ने कहा कि एक जोड़े को एक-दूसरे के साथ और वैवाहिक रिश्ते से वंचित किया जाना अत्यधिक क्रूरता का कार्य है। अदालत ने वैवाहिक रिश्ते में साहचर्य, आपसी विश्वास और एकजुटता के महत्व की ओर इशारा किया।
 

विज्ञापन
Delhi High Court said separating married couple from each other is extremely cruel.
दिल्ली हाईकोर्ट

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि एक विवाहित जोड़े को एक-दूसरे के साथ और वैवाहिक रिश्ते से वंचित करना अत्यधिक क्रूरता है। अदालत ने अमन नामक व्यक्ति को तलाक देने के पारिवारिक अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की। फैमिली कोर्ट ने पत्नी द्वारा क्रूरता के आधार पर हिंदू विवाह अधिनियम, 1956 की धारा 13 (1) (आईए) के तहत एक पति को तलाक दे दिया था।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, दोनों की शादी 2012 में हुई थी, लेकिन अलग होने से पहले वे केवल दस महीने तक साथ रहे। दोनों परिवारों द्वारा सुलह कराने के प्रयासों के बावजूद जोड़े के बीच मतभेद बने रहे, जिससे विवाह में अविश्वास, नाखुशी और अनिश्चितता पैदा हुई। कोर्ट ने कहा कि भले ही ये मतभेद व्यक्तिगत रूप से सामान्य वैवाहिक मुद्दों की तरह लग सकते हैं, लेकिन महीनों तक इनका लगातार बने रहना जिसका कोई समाधान नजर नहीं आता मानसिक आघात का कारण बना।
विज्ञापन


अदालत ने घर की स्थिति के बारे में पति की निरंतर आशंका को भी उजागर किया, चाहे वह काम पर हो या घर पर। पत्नी के खुद को कमरे में बंद करने की हरकत से पति के मन में उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज होने का डर प्रबल हो गया। आखिरी में अदालत ने पत्नी के कृत्य को क्रूरता माना और पारिवारिक अदालत द्वारा दिए गए तलाक को बरकरार रखा। अदालत ने वैवाहिक रिश्ते में साहचर्य, आपसी विश्वास और एकजुटता के महत्व की ओर इशारा किया, जिसका इस मामले में झूठे निहितार्थों के व्यापक भय के कारण अभाव है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed