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Delhi : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- राशन कार्ड निवास का प्रमाण नहीं, बताया इसे जारी करने का उद्देश्य
Fri, 08 Mar 2024 06:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 08 Mar 2024 06:58 AM IST
सार
अदालत ने आदेश में कहा कि राशन कार्ड की परिभाषा के अनुसार, इसे जारी करने का उद्देश्य उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आवश्यक खाद्य पदार्थों को वितरित करना है। यह किसी भी राशन कार्ड धारक के लिए निवास का पहचान प्रमाण बनने के बराबर नहीं है।
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Delhi high court
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने कहा है कि राशन कार्ड विशेष रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवश्यक वस्तुएं प्राप्त करने के लिए जारी किया जाता है। इसे पते या निवास का प्रमाण नहीं माना जा सकता है।
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न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह ने क्षेत्र के पुनर्विकास के बाद पुनर्वास योजना के तहत वैकल्पिक आवास की मांग करने वाली कठपुतली कॉलोनी के पूर्व निवासियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह माना कि योजना के तहत लाभ का दावा करने के लिए अनिवार्य दस्तावेज के रूप में राशन कार्ड की आवश्यकता मनमानी और अवैध थी।
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अदालत ने आदेश में कहा कि राशन कार्ड की परिभाषा के अनुसार, इसे जारी करने का उद्देश्य उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आवश्यक खाद्य पदार्थों को वितरित करना है। यह किसी भी राशन कार्ड धारक के लिए निवास का पहचान प्रमाण बनने के बराबर नहीं है।
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