फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court said outside jurisdiction police cannot call anyone for questioning

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, अधिकार क्षेत्र से बाहर पुलिस किसी को पूछताछ के लिए नहीं बुला सकती

Sun, 17 Jul 2022 05:08 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 17 Jul 2022 05:08 AM IST
सार

अदालत ने यह टिप्पणी जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से दो पत्रकारों को एक खोजी कहानी के संबंध में जारी समन को रद्द करते हुए की। दावा किया गया था कि कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ बच्चों को पैसे लेकर गोद के नाम पर बेचा जा रहा है।

विज्ञापन
Delhi High Court said outside jurisdiction police cannot call anyone for questioning
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस बिना अधिकार क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को समन जारी कर पूछताछ के लिए नहीं बुला सकती। अदालत ने कहा, पुलिस अधिकारी केवल अपने अधिकार क्षेत्र में या आसपास के पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में लोगों को समन जारी कर सकती है। 

विज्ञापन


अदालत ने यह टिप्पणी जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से दो पत्रकारों को एक खोजी कहानी के संबंध में जारी समन को रद्द करते हुए की। दावा किया गया था कि कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ बच्चों को पैसे लेकर गोद के नाम पर बेचा जा रहा है। न्यायमूर्ति पूनम ए बंबा ने अपने 8 जुलाई के फैसले में कहा कि पत्रकारों को समन अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया गया हे।  क्योंकि पत्रकार दिल्ली में रहते है जबकि उनका कार्यालय नोएडा में है। अदालत ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 160 के अनुसार एक पुलिस अधिकारी केवल अपने अधिकार क्षेत्र में या आसपास के पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में लोगों को समन जारी कर सकती है। अदालत ने कहा उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर याचिकाकर्ता दिल्ली के निवासी हैं और उनके नोएडा, यूपी कार्यालय के पते हैं। उन्हें उपमंडल पुलिस अधिकारी, पंपोर, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर द्वारा सीआरपीसी की धारा 160 के तहत समन नहीं किया जा सकता ।  
विज्ञापन


पत्रकार जमशेद आदिल खान और नितिन जैन ने 17 मार्च 2022 के समन रद्द करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने तर्क दिया कि उन्होंने नवंबर 2021 में एक खोजी स्टोरी के आधार पर एक लेख प्रकाशित किया था। इसमें खुलासा किया गया था कि जिन बच्चों ने महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो दिया था उन्हें पैसे के लिए बेचा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed