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Delhi: स्पा-पार्लरों में क्रॉस जेंडर मसाज पर प्रतिबंध लगाने वाली याचिका खारिज, जानें हाईकोर्ट ने क्या कहा

Thu, 04 Apr 2024 04:34 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 04 Apr 2024 04:34 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पा-पार्लरों में क्रॉस-लिंग मसाज पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में तर्क दिया गया था कि बंद कमरों में क्रॉस-लिंग मालिश प्रदान करने से वेश्यावृत्ति का प्रसार हो रहा है। इसके बाद याचिका खारिज करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने क्या कहा।

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Delhi High Court rejects petition seeking ban on cross-gender massage in spas parlors
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली में स्पा और मसाज केंद्रों में क्रॉस-लिंग मसाज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। याचिका में तर्क दिया गया कि बंद कमरों में क्रॉस-लिंग मालिश प्रदान करने से वेश्यावृत्ति का प्रसार हो रहा है।

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि दिल्ली में स्पा/मसाज केंद्रों के संचालन के लिए जारी दिशानिर्देशों की वैधता को चुनौती देने वाला मामला पहले ही अगस्त 2021 में उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के पास है।
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पीठ ने कहा चूंकि एकल न्यायाधीश पहले से ही विवाद से परिचित हैं, उन्होंने शहर के स्पा में अंतर-लिंगीय मसाज पर रोक लगाने वाली नीति और दिशानिर्देशों पर रोक लगा दी थी। इसलिए इस न्यायालय का मानना है कि वर्तमान सार्वजनिक हित पर विचार नहीं किया जा सकता है। तदनुसार वर्तमान याचिका खारिज की जाती है।
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यह जनहित याचिका अनुज मल्होत्रा नाम के व्यक्ति ने दायर की थी, जिसमें अंतर-लिंगीय मालिश पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश देने की मांग की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि स्पा/मसाज केंद्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग नियमित आधार पर दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) के साथ साझा की जानी चाहिए।


यह तर्क दिया गया कि दिल्ली में स्पा/मसाज केंद्रों के संचालन के लिए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए विभिन्न स्पा/मालिश केंद्रों में क्रॉस-लिंग मालिश की जा रही है। अदालत को बताया गया कि दिशानिर्देशों के खंड 2 (डी) का उल्लंघन करते हुए बंद कमरों में इस तरह की मालिश प्रदान की जा रही है और इससे वेश्यावृत्ति का संचालन और प्रसार हो रहा है।

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