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Delhi: उमर खालिद की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस किया जारी, जानें क्या है मामला

Wed, 13 Mar 2024 12:32 PM IST
विजय पुंडीर एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 13 Mar 2024 12:32 PM IST
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Delhi High Court issues notice on Omar Khalid's petition
Delhi high court - फोटो : फाइल फोटो

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद ने नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब के बाहर उन पर गोलियां चलाने वाले दो लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप को हटाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।

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अदालत ने इस मुद्दे पर पुलिस व दोनों आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने बुधवार को पुलिस के अलावा दो आरोपी दरवेश शाहपुर और नवीन दलाल को जवाब दाखिल करने का आदेश देते हुए सुनवाई 21 मई तय की है।


इन विवादों में आ चुका है नाम
जेएनयू के छात्रों के अनुसार खालिद ने अपने साथियों के साथ जेएनयू कैंपस में हिंदू देवी देवताओं की आपत्तिजनक तस्वीरें लगाकर नफरत फैलाने की कोशिश की थी। केवल इतना ही नहीं वह उस समारोह में भी शामिल थे जब आतंकी अफजल की फांसी पर जेएनयू कैंपस में मातम मनाया गया था।

खालिद इससे पहले कई मौकों पर कश्मीर की आजादी की मांग को उठाते रहे हैं। 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में जब सीआरपीएफ जवानों की हत्या हुई थी तो उसपर जश्न मनाने वाले लोगों में वह भी शामिल थे। हालांकि इस मामले पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। 


कौन है उमर खालिद
लगभग तीन दशक पहले उमर खालिद का परिवार महाराष्ट्र के अमरावती के तालेगांव से दिल्ली आकर बस गया था। उमर परिवार के साथ दिल्ली के जाकिरनगर में रहते हैं। हालांकि किसी ने उन्हें यहां शायद ही कभी देखा होगा। ऐसा बताया जाता है उनके पिता सैयद कासिम रसूल इलियास दिल्ली में ही ऊर्दू की मैगजिन ‘अफकार-ए-मिल्ली’ चलाते हैं। खालिद जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंस से इतिहास में पीएचडी कर रहे हैं। यहीं से वह इतिहास में एमए और एमफिल कर चुके हैं।

खालिद जिस डीएसयू संगठन से जुड़े हैं, उसे सीपीआई माओवादी समर्थित छात्र संगठन माना जाता है। 9 फरवरी को देश विरोधी नारे लगाने का आरोप लगने के बाद उमर खालिद अचानक गायब हो गए थे। उन्हें पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की थी। जिसके बाद खबरें आई थी कि उनका संबंध आतंकी संगठन से है। ऐसी भी खबरें सामने आई थीं कि खालिद कई विश्वविद्यालयों में आतंकी अफजल गुरु का गुणगान करवाना चाहता था। जेएनयू जैसा कार्यक्रम उसने देश के 18 विश्वविद्यालयों में करने की योजना बनाई थी।

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