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Augusta Westland Scam: ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी जमानत
Tue, 04 Mar 2025 07:24 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Tue, 04 Mar 2025 07:24 PM IST
सार
अगस्ता वेस्टलैंड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को जमानत दे दी है।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने छह साल से अधिक समय तक जेल में रहने और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आदेश पारित किया कि मामले में मुकदमा अभी शुरू होना बाकी है।
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न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तरफ से जांच की जा रही पूर्वगामी अपराध में मिशेल को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से जमानत दी गई है। कोर्ट ने आदेश दिया कि आवेदक की ओर से काटी गई लगभग छह वर्ष और दो महीने की कारावास अवधि को ध्यान में रखते हुए।
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साथ ही, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि उसे सर्वोच्च न्यायालय की ओर से पूर्वनिर्धारित अपराध से संबंधित मामले में इस आधार पर जमानत भी प्रदान की गई है कि जांच पूरी नहीं हुई है और मुकदमा भी शुरू नहीं हुआ है। यह देखते हुए कि इस मामले में पीएमएलए की धारा 4 के तहत अधिकतम निर्धारित सजा की शेष अवधि के भीतर मुकदमे के समाप्त होने की कोई संभावना नहीं लगती है, क्योंकि अभी तक मुकदमा भी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में कोर्ट आवेदक को नियमित जमानत प्रदान करती है।
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कोर्ट ने कहा कि हालांकि, जमानत के लिए 5,00,000 रुपये का निजी बांड और जमानत जमा करनी होगी और ट्रायल कोर्ट में पासपोर्ट जमा करना होगा। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट हाईकोर्ट की अनुमति के बिना जारी नहीं किया जा सकता। इसका मतलब यह होगा कि मिशेल को फिलहाल देश में ही रहना होगा और अगर वह विदेश जाना चाहता है, तो उसे हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट अपनी इच्छानुसार अन्य शर्तें भी लगा सकता है। घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में मिशेल को 18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी थी। अब ईडी मामले में भी जमानत मिल गई है, अब वह जेल से बाहर आ जाएंगे। मिशेल को दिसंबर 2018 में भारत प्रत्यर्पित किया गया था और तब से वह जेल में है।
मिशेल पर आरोप है कि उसने भारत सरकार की तरफ से वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद पर प्राप्त 42.27 मिलियन यूरो की अवैध कमीशन व रिश्वत को वैध बनाने के लिए अगस्ता वेस्टलैंड के साथ बारह अनुबंध किए। सीबीआई के अनुसार, यूके और यूएई के बैंक खातों के माध्यम से 33 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वत हस्तांतरित की गई। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान, ईडी ने उच्च न्यायालय को बताया था कि मिशेल के भागने का खतरा है और अगर उसे जमानत दी गई तो वह देश छोड़कर भाग सकता है।
ईडी के विशेष वकील जोहेब हुसैन ने कहा कि वह ब्रिटिश नागरिक है, इसलिए वह भाग सकता है। उसके भागने का खतरा है। दूसरी ओर, मिशेल की ओर से पेश हुए वकील अल्जो जोसेफ ने मिशेल के पासपोर्ट की वैधता अवधि समाप्त होने का हवाला देते हुए इस तर्क का खंडन किया। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट पहले ही समाप्त हो चुका है। उनके मुवक्किल के पास पासपोर्ट नहीं है। वहीं, जोसेफ ने यह भी कहा कि एक बार जब मिशेल अंडरट्रायल के तौर पर अपराधों में अधिकतम सजा पूरी कर लेता है, तो उसे रिहा कर दिया जाना चाहिए और फिर यह मायने नहीं रखता कि वह भारत में रहे या चले जाए। जोसेफ के अलावा, वकील श्रीराम परक्कट और एमएस विष्णु शंकर मिशेल के लिए पेश हुए।