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कोरोना को लेकर किए जा रहे दिल्ली सरकार के प्रयासों पर हाईकोर्ट ने जताई संतुष्टि
Tue, 28 Jul 2020 01:22 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 28 Jul 2020 01:22 AM IST
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Delhi high-court
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 को लेकर दिल्ली सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर संतुष्टि जताई। पीठ ने उस जनहित याचिका का निपटारा कर दिया, जिसे हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका में तब्दील किया था। इसके साथ ही पीठ ने दिल्ली सरकार को अस्पतालों में मौजूदा स्थिति और बेड का रीयल टाइम डाटा अपडेट होना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की एक पीठ ने कहा कोविड-19 के मामलों से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने, हेल्पलाइन की क्षमता में वृद्धि, जांच सुविधाएं बढ़ाने और प्लाज्मा बैंक स्थापित करने जैसे पर्याप्त कदम उठाए हैं। लिहाजा, पीठ अब इस जनहित याचिका का निपटारा करती है और आगे इस विषय पर कोई निगरानी नहीं होगी।
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पीठ ने दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया कि कोविड-19 अस्पतालों में मौजूद बिस्तर और वेंटिलेटर की उपलब्धता की जानकारी वास्तविक समय के अनुसार अपडेट करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं। कोविड-19 और गैर-कोविड-19 रोगियों के लिए एंबुलेंस सेवाएं और हेल्पलाइन का संचालन जारी रखा जाना चाहिए और दिल्ली सरकार द्वारा अपने अस्पतालों में नियुक्त नोडल अधिकारियों को लोगों की कठिनाइयों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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हाईकोर्ट ने संक्रमित मां को इलाज के लिए अस्पतालों में धक्के खा रहे एक बेटे का वीडियो देखने के बाद इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस मुद्दे को जनहित याचिका में बदल दिया था, जिसके तहत कोविड-19 शवों के निपटान को लेकर भी सरकार से कई बार सवाल पूछे गए।
दिल्ली सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि सरकार ने एंबुलेंस की संख्या 334 से बढ़ाकर 602 की गई है, दिल्ली सरकार ने 11 लाख से अधिक रैपिड एंटीजन जांच किट खरीदे हैं। सरकार ने अपनी हेल्पलाइन की क्षमता को बढ़ाया है, जांच की संख्याओं में वृद्धि की है और दो प्लाज्मा बैंक भी स्थापित किए हैं।