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दिल्ली: अस्पतालों को हर दो घंटे में भरे हुए और खाली बेड की संख्या अपडेट करने का निर्देश
Tue, 11 May 2021 12:34 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 11 May 2021 12:34 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों को हर दो घंटे में भरे हुए और खाली बेड की संख्या अपडेट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि ऐसा करना मुश्किल नहीं है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों को हर दो घंटे में भरे हुए और खाली बेड की संख्या अपडेट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि ऐसा करना मुश्किल नहीं है।
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न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि अस्पताल ऑक्यूपेंसी और दाखिले के रियल टाइम रिकॉर्ड को बनाए रखें और इसलिए उनका दिल्ली सरकार या उसके नोडल अधिकारियों से इस बारे में संवाद करना मुश्किल नहीं होगा।
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एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव ने कहाकि अस्पताल प्रबंधक स्टॉफ की कमी के चलते खाली बेड के रियल टाइम अपडेट नहीं करने का तर्क रख रहे है। अदालत ने इस तर्क को नकारते हुए कहा कि हम उन्हें हर दो घंटे में अपडेट करने का निर्देश देते हैं।
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बेड के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा यहां के अस्पतालों में दिए जाने वाले बेड की संख्या 4,091 से घटकर 3,861 हो गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल जब मामलों की संख्या अब की तुलना में चार गुना कम थी, तब केंद्र ने लगभग इतने ही बेड दिए थे। उन्होंने दावा किया कि यहां केंद्र सरकार के अस्पतालों में सैकड़ों बेड ऐसे हैं जो अनुपयोगी पड़े हुए हैं।
अदालत ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए मुद्दे की जांच करे और दिल्ली के लिए आवंटित बेड की संख्या को श्रेणीनुसार पेश करे।सुनवाई के दौरान राव ने कहा कि दिल्ली में कारोना से निपटने के लिए वेबसाइट पर खाली और कब्जे वाले बेड के डेटा का अपडेशन और संबंधित एप्स को अगर रियल टाइम में नहीं तो दिन में कम से कम तीन बार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपडेट किए गए नंबरों से यह भी बताना चाहिए कि प्रत्येक अस्पताल में वेटिंग लिस्ट में लोगों की संख्या कितनी है।