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राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने पर भी दिल्ली हाईकोर्ट को याचिका पर सुनवाई का अधिकार

Wed, 07 Dec 2016 12:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 07 Dec 2016 12:01 PM IST
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delhi high court can hear a mercy petition even after president rejection
दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : Google

हाईकोर्ट ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ सरकार के उस याचिका को खारिज कर दिया कि जिसमें मौत की सजा पाए सोनू सरदार द्वारा राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा उसकी दया याचिका को खारिज करने के निर्णय को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

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याचिका में छत्तीसगढ़ सरकार ने सरदार की ओर से दायर याचिका को खारिज करने का आग्रह करते हुए तर्क रखा था कि इस मामले का रिकॉर्ड राज्य में और दोषी भी राज्य में है। हालांकि सरदार के वकील ने कहा कि जो सामग्री है वह केंद्र सरकार के कब्जे में है। न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने कहा याची की याचिका पर सुनवाई इस अदालत के अधिकार क्षेत्र में है।
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सरदार को 26-27 नवंबर 2004 की दरम्यानी रात को गांव बैकुंठपुर जिला छत्तीसगढ़ में पांच लोगों की हत्या का दोषी करार दिया गया था। उसे छत्तीसगढ़ में सत्र अदालत ने दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई थी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2010 में उसकी अपील खारिज कर मौत की सजा की पुष्टि की थी।
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इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी सजा को बहाल रखा था और वर्ष 2012 में राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी। राज्यपाल व राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका को खारिज करने के बाद सरदार ने दिल्ली हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी थी।

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