फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court Asks Delhi Govt To Make Policy On App-Based Cab Services with help of centre

केंद्र के साथ मिलकर ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के लिए कानून बनाए दिल्ली सरकार : HC

Wed, 10 Aug 2016 02:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 10 Aug 2016 02:49 PM IST
विज्ञापन
Delhi High Court Asks Delhi Govt To Make Policy On App-Based Cab Services with help of centre

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के संबंध में स्पष्ट नीति बनाने को कहा है। बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि इस नीति को स्वीकृति के लिए एलजी को जरूर भेजा जाए।

विज्ञापन


साथ ही कोर्ट ने ऐप आधारित कैब सेवा देने वाली टैक्सियों को हिदायत दी है कि वो मीटर से ही चलें और सरकार द्वारा निर्धारित किराया ही वसूलें। सरकार द्वारा निर्धारित किराए के अलावा उन्हें किसी प्रकार का सरचार्ज वसूल करने का अधिकार नहीं है।
विज्ञापन


बता दें कि मंगलवार को ही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि ऐप आधारित सेवाओं को नियंत्रित करने के लिए एक स्पष्ट और आदर्श नीति का निर्माण किया जाना चाहिए। इससे न सिर्फ लोगों को सुविधा मिलेगी बल्कि, किराए को लेकर लोगों में फैली भ्रांति भी समाप्‍त होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

11 अगस्त तक सुझाएं पैनल का नाम

Delhi High Court Asks Delhi Govt To Make Policy On App-Based Cab Services with help of centre

जस्टिस मनमोहन ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली और केंद्र सरकार के दो अधिकारियों की ऐसी कमेटी का गठन किया जाना चाहिए जो सभी प्रभावित पक्षों से बात करे जिसमें ऐप आधारित कैब सेवा प्रदाता, रेडियो टैक्सी और उपभोक्ताओं की बात सुनने के बाद आदर्श कानून का निर्माण किया जा सके।

कोर्ट ने दोनों ही सरकारों को 11 अगस्त तक अपने नामों को सुझाने का का समय दिया है ताकि इससे संबंधित कानून के निर्माण के लिए पैनल का निर्माण किया जा सके।

इसके साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पैनल के द्वारा निर्मित आदर्श कानून के मुताबिक ही ऐप आधारित कंपनियों को अपने रेट निर्धारित करने चाहिए।

बता दें कि‌ दिल्ली में ऐप आधारित कैब सेवा प्रदान करने वाली ओला और ऊबर जैसी कंपनियों ने शपथ पत्र दायर कर कोर्ट को बताया था कि उनके द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित किराया ही यात्रियों से वसूला गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed