फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High court approves divorce of couple living separately for 15 years

Delhi: हाईकोर्ट ने 15 साल से अलग रह रहे दंपती के तलाक को दी मंजूरी, पत्नी की अपील की खारिज

Tue, 05 Sep 2023 10:07 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 05 Sep 2023 10:07 PM IST
सार

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 तलाक के आधार के रूप में असंगति या स्वभावगत मतभेदों की पहचान नहीं करता। ऐसे में जोड़े वर्षों तक एक-दूसरे से लड़ते रहते हैं।

विज्ञापन
Delhi High court approves divorce of couple living separately for 15 years
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 15 साल से अलग रह रहे दंपती को तलाक देने के पारिवारिक अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि वैवाहिक बंधन का कोई अर्थ न रह जाए तो ऐसी स्थिति को स्वीकार करने का कोई मतलब या अर्थ नहीं है।

विज्ञापन

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 तलाक के आधार के रूप में असंगति या स्वभावगत मतभेदों की पहचान नहीं करता। ऐसे में जोड़े वर्षों तक एक-दूसरे से लड़ते रहते हैं, क्योंकि उनके पास रिश्ते से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है।

विज्ञापन

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने कहा कि पुराने हिंदू कानून के तहत विवाह को संस्कार माना जाता था और तलाक की कोई अवधारणा नहीं थी। हालांकि, 1955 के अधिनियम की शुरुआत के बाद चीजें बदल गईं, तलाक के लिए आधार को केवल दोष सिद्धांत के आधार पर मान्यता दी गई।

पीठ ने कहा, समय बीतने के साथ अनुभव से पता चला है कि कई बार असंगति और स्वभावगत मतभेदों के कारण शादियां नहीं चल पाती हैं, जिसके लिए किसी भी पक्ष को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। 

विज्ञापन

अदालत ने ये टिप्पणियां एक महिला द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें क्रूरता के आधार पर तलाक देने के पारिवारिक अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। खंडपीठ ने कहा कि दंपती के बीच विवाद पति और उसके परिवार के सदस्यों के प्रति अनादर और लगातार झगड़ों के कारण हुआ, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न शिकायतें हुईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed