Nimisha Priya Case: बेटी की जान बचाने के लिए यमन जाएगी भारतीय नर्स निमिषा की मां, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी इजाजत
Nimisha Priya: यमन जाने पर भारत सरकार ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। जिसके कारण महिला को यमन जाने में परेशानी हो रही थी। निमिषा साल 2017 से यमन की जेल में बंद है। निमिषा को यमनी नागरिक तलाल एब्दो माहदी की हत्या का दोषी पाया गया था।
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मां को यमन की यात्रा करने की अनुमति प्रदान करने का निर्देश दिया है। नर्स निमिषा प्रिया को 2020 में यमन के सना में ट्रायल कोर्ट ने एक यमनी व्यक्ति की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई थी।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि प्रिया की मां सना में एक एयरलाइन के सीईओ के रूप में काम करने वाले भारतीय व्यक्ति सैमुअल जेरोम के साथ यमन की यात्रा कर सकती हैं। जेरोम पीड़ित परिवार के साथ ब्लड मनी डील पर बातचीत करने में मदद करेगा, जिसमें पैसे के बदले में महिला की जान बख्श देना शामिल है। अदालत ने प्रिया की मां से हलफनामा दाखिल कर यह कहने को कहा है कि वह अपने जोखिम पर यात्रा कर रही हैं। अदालत ने कहा कि उसे यमन से यात्रा और वापसी की तारीख भी बतानी होगी।
अदालत ने यह निर्देश निमिषा प्रिया की मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया जिसमें पीड़ित परिवार के साथ बातचीत करने के लिए उनकी और तीन अन्य लोगों की यमन यात्रा की सुविधा की मांग की गई थी।
प्रिया की मां प्रेमा कुमारी के वकील ने तर्क रखा था कि यमन के सर्वोच्च न्यायालय ने 13 नवंबर को उसकी अपील खारिज कर दी और मौत की सजा बरकरार रखी। अदातल ने उसे खून के बदले पैसे भुगतान करने के बाद पीड़ित परिवार से माफी हासिल करके फांसी से बचने का आखिरी विकल्प दिया।
अदालत ने सोमवार को उन्हें उस हिस्से को एक हलफनामे के साथ दाखिल करने का निर्देश दिया था कि जहां यमन अदालत ने मौत की सजा देते समय ब्लड मनी का भुगतान करने का यह कानूनी विकल्प दिया है। ब्लड मनी से तात्पर्य अपराधियों या उनके परिजनों द्वारा हत्या के शिकार व्यक्ति के परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे से है।