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दिल्ली: चिड़ियाघर में अत्याधुनिक मशीनों से की जाएगी वन्यजीवों के स्वास्थ्य की जांच
Fri, 13 Nov 2020 01:45 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 13 Nov 2020 01:45 PM IST
सार
- एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड समेत अन्य अत्याधुनिक मशीनों के लिए जारी किए गए ई-टेंडर
- बरेली स्थित चिकित्सा अनुसंधान केंद्र सैंपल भेजने की खत्म होगी आवश्यकता
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चिड़ियाघर
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विस्तार
दिल्ली चिड़ियाघर में जल्द ही वन्यजीवों की जांच अत्याधुनिक मशीनों से की जाएगी। साथ ही अब वन्यजीवों की जांच के लिए नमूनों को बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान केंद्र भेजने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इस संबंध में दिल्ली चिड़ियाघर ने अत्याधुनिक मशीनों के लिए ई टेंडर जारी किए हैं।
दरअसल, दिल्ली चिड़ियाघर में वर्तमान में पशुओं का अस्पताल बना हुआ है, लेकिन यहां एक्स-रे से लेकर अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से वन्यजीवों के स्वास्थ्य जांच के लिए चिड़ियाघर प्रशासन को अन्य पशु चिकित्सालयों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं, कई बार विशेष जांच के लिए वन्यजीवों के ब्लड सैंपल को बरेली स्थित अनुसंधान केंद्र में भेजना होता है। इससे इलाज में भी देरी हो जाती है।
चिड़ियाघर के निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि वन्यजीवों के इलाज में देरी की संभावना को कम करने के उद्देश्य और समय पर वन्यजीवों को सही इलाज उपलब्ध कराने हेतु चिड़ियाघर प्रशासन ने कदम उठाया है। इसके लिए ई-टेंडर जारी किया गया है।
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एक्स-रे से लेकर अल्ट्रासाउंड तक की होगी सुविधा
चिड़ियाघर प्रशासन के नए कदम के अनुसार, परिसर में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए गए हैं। अब तक चिड़ियाघर के वन्यजीवों का एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड दूसरे पशु चिकित्सालय में किया जा रहा है। ऐसे में यह पहली बार होगा जब चिड़ियाघर में वन्यजीवों के लिए एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड दोनों की सुविधा मिल सकेगी।
रमेश कुमार पांडे ने बताया कि वन्यजीवों के एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए चलित (मूवेबल) मशीन की व्यवस्था की कोशिश की जा रही है। जिसे वन्यजीव के अनुसार, चलाया जा सके क्योंकि, कई बार बीमार होने पर होने वन्यजीव आक्रामक हो जाता है। इस वजह से वह मशीन के दायरे में आने से बचता है। यदि मशीन मूवेबल होगी तो वन्यजीवों की स्वास्थ्य जांच के लिए आसानी होगी।
आटोमेटिक एनालाइजर से की जाएगी जांच
चिड़ियाघर प्रशासन ने आटोमेटिक एनालाइजर के लिए भी ई टेंडर जारी किया है। इससे वन्यजीवों के खून की जांच करना भी अब चिड़ियाघर में संभव हो सकेगा। आटोमेटिक एनालाइजर से वन्यजीवों के खून से जांच कर विभिन्न प्रकार की बीमारियों का पता लगाया जा सकेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत का दावा किया जा रहा है। साथ ही वन्यजीवों को भी समय पर इलाज मिल सकेगा।
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दरअसल, दिल्ली चिड़ियाघर में वर्तमान में पशुओं का अस्पताल बना हुआ है, लेकिन यहां एक्स-रे से लेकर अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से वन्यजीवों के स्वास्थ्य जांच के लिए चिड़ियाघर प्रशासन को अन्य पशु चिकित्सालयों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं, कई बार विशेष जांच के लिए वन्यजीवों के ब्लड सैंपल को बरेली स्थित अनुसंधान केंद्र में भेजना होता है। इससे इलाज में भी देरी हो जाती है।
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चिड़ियाघर के निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि वन्यजीवों के इलाज में देरी की संभावना को कम करने के उद्देश्य और समय पर वन्यजीवों को सही इलाज उपलब्ध कराने हेतु चिड़ियाघर प्रशासन ने कदम उठाया है। इसके लिए ई-टेंडर जारी किया गया है।
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एक्स-रे से लेकर अल्ट्रासाउंड तक की होगी सुविधा
चिड़ियाघर प्रशासन के नए कदम के अनुसार, परिसर में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए गए हैं। अब तक चिड़ियाघर के वन्यजीवों का एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड दूसरे पशु चिकित्सालय में किया जा रहा है। ऐसे में यह पहली बार होगा जब चिड़ियाघर में वन्यजीवों के लिए एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड दोनों की सुविधा मिल सकेगी।
रमेश कुमार पांडे ने बताया कि वन्यजीवों के एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए चलित (मूवेबल) मशीन की व्यवस्था की कोशिश की जा रही है। जिसे वन्यजीव के अनुसार, चलाया जा सके क्योंकि, कई बार बीमार होने पर होने वन्यजीव आक्रामक हो जाता है। इस वजह से वह मशीन के दायरे में आने से बचता है। यदि मशीन मूवेबल होगी तो वन्यजीवों की स्वास्थ्य जांच के लिए आसानी होगी।
आटोमेटिक एनालाइजर से की जाएगी जांच
चिड़ियाघर प्रशासन ने आटोमेटिक एनालाइजर के लिए भी ई टेंडर जारी किया है। इससे वन्यजीवों के खून की जांच करना भी अब चिड़ियाघर में संभव हो सकेगा। आटोमेटिक एनालाइजर से वन्यजीवों के खून से जांच कर विभिन्न प्रकार की बीमारियों का पता लगाया जा सकेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत का दावा किया जा रहा है। साथ ही वन्यजीवों को भी समय पर इलाज मिल सकेगा।