दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की हालत बिगड़ी, मैक्स में किया गया भर्ती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की हालत बिगड़ गई है। उनका कोरोना का इलाज राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है और उनका निमोनिया भी बढ़ गया है। वहीं बुखार अब भी है।
सत्येंद्र जैन को राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल से मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। बताया जा रहा है कि यहां उनकी प्लाज्मा थेरेपी भी कराई जा सकती है।
केजरीवाल ने कहा फेफड़ों में निमोनिया के पैच बढ़ गए हैं
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जब सत्येंद्र जैन की तबीयत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनकी सीटी स्कैन रिपोर्ट दिखाती है कि उनके फेफड़ों में निमोनिया के पैच बढ़ गए हैं। उन्होंने आज काफी थकान और सांस लेने में तकलीफ महसूस की। डॉक्टरों की सभी राय मानी जाएगी।
गृहमंत्री शाह ने की जल्द ठीक होने की कामना
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ने पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर उनके जल्द ठीक होने की कामना की है। उन्होंने लिखा है, मैं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जो इस समय कोरोना से लड़ाई लड़ रहे हैं, उनके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।
Delhi Health Minister Satyendar Jain, who has tested positive for COVID19, put on oxygen support after his lung infection increases: Office of Delhi Health Minister
(file pic) pic.twitter.com/RLnOeky0W4
— ANI (@ANI) June 19, 2020
वह राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती हैं। गुरुवार को अस्पताल के निदेशक ने बताया कि सत्येंद्र जैन को अभी बुखार बना हुआ है। इसके लिए दवाएं दी जा रही हैं। शरीर में ऑक्सीजन के स्तर में सुधार हुआ है। उल्लेखनीय है कि तेज बुखार और सांस लेने की शिकायत के बाद सोमवार रात सत्येंद्र जैन अस्पताल में भर्ती हुए थे।
मंगलवार को उनकी कोरोना की जांच हुई, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन कोरोना के लक्षण होने के कारण डॉक्टरों ने बुधवार को उनकी दोबारा से जांच की,जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। गुरुवार को डॉक्टरों ने कहा था कि भर्ती होने के एक दिन के बाद से उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ रही है। वह काफी संयमित भोजन ले रहे हैं।