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Delhi: निर्माण स्थलों पर रहेगी सरकार की पैनी नजर, धूल नियंत्रण के लिए 15 से 30 तक विशेष अभियान
Mon, 11 Jul 2022 04:45 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 11 Jul 2022 04:45 AM IST
सार
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण को लेकर सरकार सक्रिय है। निर्माण स्थलों से पैदा होने वाले धूल प्रदूषण सेहत के लिए काफी हानिकारक है। धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार 15 से 30 जुलाई तक विशेष अभियान चलाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार 15 से 30 जुलाई तक विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडी) पोर्टल पर निर्माण स्थलों को पंजीकरण कराना होगा। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
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गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण को लेकर सरकार सक्रिय है। निर्माण स्थलों से पैदा होने वाले धूल प्रदूषण सेहत के लिए काफी हानिकारक है। इसी दिशा में कार्य करने के लिए पिछले वर्ष अक्तूबर में निर्माण एवं विध्वंस पोर्टल लांच किया गया था। इस पोर्टल पर 500 वर्ग मीटर से अधिक सभी स्थलों का खुद पंजीकरण करना अनिवार्य है। यह पोर्टल दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी ) के अधिकारियों को साइट निरीक्षण, ऑनलाइन रिपोर्ट जमा करने और जुर्माना लगाने तथा वसूल करने की सुविधा भी देता है।
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मंत्री ने कहा कि स्व: मूल्यांकन पोर्टल पिछले साल अक्टूबर में शुरू किया गया था, क्योंकि सभी निर्माण और विध्वंस स्थलों की वहां जाकर धूल नियंत्रण नियमों के अनुपालन की निगरानी करना मुश्किल था। इसीलिए परियोजना प्रस्तावकों को अनिवार्य रूप से वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराने, धूल नियंत्रण नियमों के अपने अनुपालन का खुद ऑडिट करने तथा पाक्षिक आधार पर पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया था। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि डीपीसीसी उन परियोजना प्रस्तावकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी, जिन्होंने धूल नियंत्रण नियमों के स्व: मूल्यांकन को लेकर सीएंडडी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है।
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पोर्टल पर अब तक 600 पंजीकरण
गोपाल राय के मुताबिक, 15 से 30 जुलाई के बीच पोर्टल पर पंजीकरण को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभी तक 600 परियोजना स्थलों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। डीपीसीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वह यह सुनिश्चित करे कि सभी परियोजना स्थलों का पंजीकरण पोर्टल पर हो। निर्माण योजना स्वीकृति के लिए जिम्मेदार एजेंसियों को भी परियोजना प्रस्तावकों को खुद को पंजीकृत कराने के लिए सुनिश्चित करना आवश्यक है। डीपीसीसी को सभी के स्व: ऑडिट की लक्षित और हासिल की गई मासिक रिपोर्ट देने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।