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पुलिस के खास सवाल ने उड़ाई आप नेताओं की नींद!

Sat, 25 Apr 2015 07:45 PM IST
Updated Sat, 25 Apr 2015 07:45 PM IST
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Delhi government was helpless on this sharp question!

दिल्ली सरकार जंतर-मंतर पर आप की रैली में किसान गजेंद्र सिंह की खुदकुशी मामले में ही क्यों मजिस्ट्रेट जांच करवाना चाहती है? दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को आंकड़ा जारी कर मीडिया के जरिए दिल्ली सरकार पर सवाल खड़े किए हैं कि दिल्ली में हर वर्ष 7000 से ज्यादा लोगों की अप्राकृतिक मौत होती हैं।

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दिल्ली सरकार उनकी मजिस्ट्रेट जांच क्यों नहीं करवाती है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय से शुक्रवार सुबह मीडियाकर्मियों को फोन कर प्रेसवार्ता के लिए बुलाया गया था। मीडियाकर्मियों से कहा गया था कि दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी मीडिया को संबोधित करेंगे।
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मगर बाद में दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने मीडिया के सामने पुलिस का पक्ष रखा। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने ये कहा कि दिल्ली में हर वर्ष सात हजार से ज्यादा अप्राकृतिक मौत होती हैं।
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इन शवों की क्यों जांच नहीं कराती सरकार

Delhi government was helpless on this sharp question!

इन मामलों में दिल्ली पुलिस ही जांच करवाती है। पुलिस अपने खर्च पर शवों का अंतिम संस्कार करवाती है। वर्ष 2014 में 7545 लोगों की अप्राकृतिक मौत हुई थी।


वर्ष 2013 में 7785 और 2015 में 1886 लोगों की अप्राकृतिक मौत हुई हैं। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा, मगर इसका मतलब ये निकाला जा रहा था कि दिल्ली में हर वर्ष जो अप्राकृतिक मौत होती हैं उनमें दिल्ली सरकार मजिस्ट्रेट जांच क्यों नहीं करवाती है।

किसान खुदकुशी मामले में पुलिस एफआईआर दर्ज कर चुकी है। साथ में हर कोण से जांच की जा रही है।  जंतर-मंतर पर किसान गजेंद्र द्वारा खुदकुशी करने केमामले की क्यों जांच करवाना चाहती है।

दिल्ली पुलिस केएक वरिष्ष्ठ अधकारी ने बताया कि कानून केमुताबिक दहेज से संबंधित मामलों में ही मजिस्ट्रेट स्तर की जांच होती है। किसी मामले में अगर पुलिस एफआईआर दर्ज कर लेती है तो जांच पुलिस का हिस्सा हो जाती है। केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर मामला इसका उदाहरण है।

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