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दिल्लीवाले सुनेंगे दिल्ली की कहानी, ‘अपनों’ की जुबानी

Tue, 06 Aug 2019 03:37 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 06 Aug 2019 03:37 PM IST
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delhi government starts oral history program where delhi people will hear history by delhi voice
ओरल हिस्ट्री प्रोग्राम - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली के इतिहास में घटित राजनीतिक घटनाओं से बेशक दिल्ली वाले बखूबी वाकिफ हैं, लेकिन दिल्ली के धरातल से जुड़ी संस्कृति का कोई लिखित या मौखिक स्वरूप उपलब्ध नहीं हैं।

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लिहाजा, दिल्ली सरकार द्वारा सोमवार को दिल्लीवालों की जुबानी-दिल्लीवालों की कहानी, बयां करने के लिए ओरल हिस्ट्री प्रोग्राम यानी मौखिक इतिहास कार्यक्रम शुरू किया गया। इसकी खासियत यह होगी कि इसमें दिल्ली की युवा पीढ़ियां दिल्ली के बुजुर्ग दादा-दादी और नाना-नानी की जुबानी उन कहानियों का अनुसरण भी कर सकेंगे, जो दिल्ली के आम लोगों की जीवन शैली से जुड़ी होंगी।
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ओरल हिस्ट्री प्रोग्राम की शुरुआत अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली के सहयोग और दिल्ली अभिलेखागार विभाग के साझा प्रयास से शुरू किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में किया गया।
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इस दौरान जानी-मानी हस्तियों ने दिल्ली की संस्कृति से जुड़े खानपान, रहन-सहन, त्यौहारों, व्यावसायिक गतिविधियों और लोकगीतों समेत अन्य विषयों के बारे में जानकारी साझा की। इतिहासकार प्रो इरफान हबीब, प्रोफेसर डॉ डेनिस लैटन, अंबेडकर यूनिवर्सिटी की कुलपति अनु सिंह लाथर, वयोवृद्ध इतिहासकार आर.वी स्मिथ, दिल्ली सरकार के अभिलेखागार अजय कुमार गर्ग, दिल्ली सरकार की संस्कृति सचिव रिंकू दुग्गल समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम में दिल्ली के मौखिक इतिहास पर आधारित दो वीडियो क्लिप भी दिखाई गईं, जिनमें से एक अंबेडकर यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा तैयार की गई, जबकि दूसरा वीडियो दिल्ली के अभिलेखागार विभाग द्वारा तैयार किया गया।

इतिहासकार इरफान हबीब ने कहा कि दिल्ली के इतिहास को मौखिक रूप से सहेजने के लिए दिल्ली सरकार का यह प्रयास बेह सराहनीय है। लोग अब तक दिल्ली के इतिहास से जुड़े पौराणिक युद्धों या किसी राजतंत्र के उत्थान एवं पतन की कहानियां सुनते हैं, लेकिन दिल्ली के आम लोगों के जीवन की संस्कृति क्या है? इसके बारे में कोई नहीं जानता। डेनिस लैटन ने कहा कि ओरल हिस्ट्री प्रोग्राम के लिए उन लोगों को चुना जा रहा है, जो दिल्ली के जमीनी इतिहास की संस्कृति से होकर गुजरे हैं। प्रोग्राम के तहत अगले दो सालों में 100 लोगों के साक्षात्कार करने का लक्ष्य है।

लोग खुद भी दे सकते हैं कहानियां सुनाने के प्रस्ताव
जो लोग दिल्ली की संस्कृति और जीवनशैली से जुड़े इतिहास का हिस्सा रहे हैं, वे खुद दिल्ली सरकार के अभिलेखागार विभाग से संपर्क कर सकते हैं। उनकी कहानियों को भी मौखिक साक्षात्कार के रूप में रिकॉर्ड करके ओरल हिस्ट्री प्रोग्रोम का हिस्सा बनाया जाएगा। लोग अपने प्रस्ताव ddarchives@nic.in पर भेज सकते हैं।  

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