एलजी से मिली मंजूरी, अब दिल्ली सरकार के स्कूलों में भी खुलेंगे मोहल्ला क्लीनिक
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दिल्ली सरकार के स्कूलों में अब मोहल्ला क्लीनिक खुलने का रास्ता साफ हो गया है। नए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने स्कूल परिसर में प्रस्तावित 300 से अधिक मोहल्ला क्लीनिक वाले प्रस्ताव को सशर्त मंजूरी दे दी है। इसमें बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण पहलू है। उपराज्यपाल कार्यालय अधिकारी ने सशर्त मंजूरी की पुष्टि की है।
बता दें कि पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग ने स्कूल परिसर में मोहल्ला क्लीनिक निर्माण को लेकर शिक्षा अधिनियम, थर्ड पार्टी ऑडिट समेत कुछ अन्य आपत्तियों के साथ फाइल लौटा दी थी। मंजूरी के बाद निर्माण शुरू होने में कितना समय लगेगा इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारी का कहना है कि अभी योजना एडवांस स्टेज पर है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग की तरफ से फाइल वापस किए जाने के बाद कुछ आपत्तियों पर तर्क के साथ नए उपराज्यपाल अनिल बैजल को प्रस्ताव सरकार ने भेजा था। उस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
थर्ड पार्टी ऑडिट की पुरानी आपत्ति पर सरकार ने विदेशों से मिली तारीफ की रिपोर्ट लगाई थी। वहीं कुछ को नए उपराज्यपाल ने दरकिनार भी किया है। आप सरकार ने पूरी दिल्ली में चुनाव पूर्व एक हजार मोहल्ला क्लीनिक बनाने का वादा किया था, जिसमें अभी 109 मोहल्ला क्लीनिक चल रही हैं।
आगे क्या....
उपराज्यपाल से मंजूरी मिलने के साथ अब स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा निदेशालय मिलकर सर्वे के साथ स्कूलों की सूची को अंतिम रूप देगा। संबंधित अन्य औपचारिकताओं को पूरा करके जल्द मोहल्ला क्लीनिकों का निर्माण कार्य शुरू होगा।
क्लिनिक का छात्रों को होगा फायदा
स्कूलों में क्लिनिक खुलने का फायदा छात्र-छात्राओं को मिलेगा। बच्चों की बीमारियों की स्क्रीनिंग होगी। जिसमें एनीमिया, न्यूट्रीशन, सुनने की दिक्कत, त्चचा रोग, दांतों की बीमारी का पता आसानी से लगाया जा सकेगा।
मोहल्ला क्लीनिक स्कूल की चारदीवारी से जुड़े हुए जगह पर बनेंगे। आमजन के लिए दरवाजे बाहर से होंगे। स्कूली बच्चों के लिए अंदर से ही दरवाजा होगा। प्रस्ताव के अनुसार हर तीन महीने में शारीरिक और मानसिक विकास का पता चल सकेगा।