5 वर्षीय रेप पीड़ित बच्ची को एंबुलेंस न देने वाले डॉक्टर को हटाने की सरकार ने की सिफारिश
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दिल्ली के गांधी नगर में रेप पीड़ित पांच वर्षीय बच्ची को सही समय पर एंबुलेंस सेवा न मिलने की शिकायत के बाद दिल्ली सरकार ने एलजी से अस्पताल के सीएमओ को बर्खास्त करने की सिफारिश की है।
बता दें कि चाचा नेहरू अस्पताल ने पीडित बच्ची को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के बाद उसे एलएनजेपी तक जाने के लिए ऐंबुलेंस नहीं दी। जिसके चलते परिजन पीड़ित बच्ची को बाइक से लेकर एलएनजेपी पहुंचे।
जब इस बारे में अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर अनूप मोहता ने पूछा गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि अस्पताल के पास अपना कोई ऐंबुलेंस नहीं है, इसलिए ऐंबुलेंस नहीं मिली होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में हम कैट्स ऐंबुलेंस का इस्तेमाल करते हैं।
इस बात का भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए कि पीड़ित बच्ची को किस कारण से एलएनजेपी अस्पताल रेफर किया गया। इसके उलट उन्होंने कहा कि वो ऐसे सवालों के जवाब नहीं दे सकते। जबकि पीड़ित बच्ची के परिजनों का आरोप है कि इलाज करने वाले डॉक्टर ने पहले तो कुछ टेस्ट के लिए लिखा फिर अचानक एलएनजेपी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
परिजन बता रहे विकास को निर्दोष
विकास का परिवार उसे निर्दोष बता रहा है। वहीं विकास का कहना है कि पता नहीं बच्ची उसका नाम क्यों ले रही है। झारखंड का रहने वाला विकास पिछले 12-13 साल से दिल्ली में रह रहा है। इसके परिवार में एक बेटा है जो झारखंड स्थित गांव में रहता है।
इसके अलावा पत्नी व 15 साल की एक बेटी है। वह पास के सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ती है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपी पहले गांधी नगर थाने के सामने कपिल सिब्बल पब्लिक स्कूल में रिक्शा चलाता था।
इसके बाद उसने कई साल हैप्पी पब्लिक स्कूल में नौकरी किया। पिछले करीब तीन साल से वह टैगोर स्कूल में नौकरी कर रहा था। पुलिस ने शनिवार रात जब उसे पकड़ा तो उस समय है वह परिवार के साथ टीवी देख रहा था और शराब पी रहा था।