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1100 पेड़ों की कटाई का मामला: सरकार ने जारी किया नोटिस, डीडीए, वन विभाग और दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब
Mon, 01 Jul 2024 08:14 AM IST
Vikas Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 01 Jul 2024 08:14 AM IST
सार
राजधानी दिल्ली के आरक्षित वन क्षेत्र में हुई 1100 पेड़ों की कटाई के मामले में नोटिस जारी किया है। दिल्ली सरकार ने जांच के लिए एक समिति का गठन किया था। जो इस मामले की जांच में लग गई है।
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1100 पेड़ों की कटाई का मामला (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दक्षिणी दिल्ली के आरक्षित वन क्षेत्र में हुई 1100 पेड़ों की कटाई के मामले में तथ्यान्वेषण समिति ने डीडीए, वन विभाग और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। शनिवार को दिल्ली सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सर्वसम्मति से कमेटी बनाई थी।
कमेटी में मंत्री सौरभ भारद्वाज, आतिशी और इमरान हुसैन को शामिल किया गया है। कमेटी इस बात की जांच कर रही है कि इन पेड़ों को काटने का आदेश किसने दिया। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, समिति ने पर्यावरण और वन विभाग के प्रधान सचिव, दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, प्रधान आयुक्त (एलडी एवं एलएम) डीडीए व आयुक्त (आवास) डीडीए, डीसीपी (दक्षिण दिल्ली) के साथ संबंधित क्षेत्र के एसएचओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सोमवार को होने वाली बैठक में उपस्थित रहने का आदेश दिया है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को हलफनामा दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद समिति को 11 जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
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सुप्रीम कोर्ट को तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी समिति
समिति यह पता लगा रही है कि किसके निर्देश पर डीडीए ने रिज में 1100 पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया। समिति यह भी पता लगा रही है कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना तीन फरवरी को किस उद्देश्य से क्षेत्र में दौरे करने गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र इको-सेंसिटिव जोन हैं। यहां पर पेड़ों की कटाई की गई है। यह असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य के आसपास का हिस्सा है। इस समस्या को देखते हुए एक दिन पहले ही दिल्ली के सभी मंत्रियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि तथ्य-खोज समिति इसकी जांच करेगी। यह समिति अगली सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट को एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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कमेटी में मंत्री सौरभ भारद्वाज, आतिशी और इमरान हुसैन को शामिल किया गया है। कमेटी इस बात की जांच कर रही है कि इन पेड़ों को काटने का आदेश किसने दिया। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, समिति ने पर्यावरण और वन विभाग के प्रधान सचिव, दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, प्रधान आयुक्त (एलडी एवं एलएम) डीडीए व आयुक्त (आवास) डीडीए, डीसीपी (दक्षिण दिल्ली) के साथ संबंधित क्षेत्र के एसएचओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सोमवार को होने वाली बैठक में उपस्थित रहने का आदेश दिया है।
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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को हलफनामा दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद समिति को 11 जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
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सुप्रीम कोर्ट को तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी समिति
समिति यह पता लगा रही है कि किसके निर्देश पर डीडीए ने रिज में 1100 पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया। समिति यह भी पता लगा रही है कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना तीन फरवरी को किस उद्देश्य से क्षेत्र में दौरे करने गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र इको-सेंसिटिव जोन हैं। यहां पर पेड़ों की कटाई की गई है। यह असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य के आसपास का हिस्सा है। इस समस्या को देखते हुए एक दिन पहले ही दिल्ली के सभी मंत्रियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि तथ्य-खोज समिति इसकी जांच करेगी। यह समिति अगली सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट को एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।