'डीटीसी को बर्बाद कर रही सरकार, आम आदमी क्लीनिक है राजनीतिक नौटंकी'
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दिल्ली सरकार पर भाजपा ने दिल्ली परिवहन निगम को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने इस बाबत दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया है। आम आदमी क्लीनिक की तरह आम आदमी बस सेवा को भी एक राजनीतिक नौटंकी करार दिया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने एक बयान में कहा है कि आप सरकार एक तरफ बार-बार बस की संख्या बढ़ाने की बात करती है तो दूसरी तरफ डीटीसी को इस तरह बर्बाद कर रही है कि परिवहन निगम तालाबंदी के कगार पर पहुंच गया है।
तीन बार बसों में बढ़ोतरी की घोषणा हुई, लेकिन नई बसें सड़क पर नहीं आई। चुनाव घोषणापत्र में कहा गया था कि दिल्ली में 10,000 डीटीसी बसें चलेंगी।
'केजरीवाल शासन में डीटीसी प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ के घाटे में है'
17 महीना बाद भी कोई नई बस डीटीसी के बेड़े में जुड़ी नहीं दिखती। सच्चाई यह है कि केजरीवाल शासन के दौरान सड़कों से 1000 डीटीसी बसें हटी हैं और आज डीटीसी प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ रुपये के घाटे में है।
उन्होंने कहा है कि बस स्टैंड पर जीपीआरएस के माध्यम से यात्रा जानकारी की योजना भी लागू नहीं हो सकी। इसी तरह बसों में मार्शल नियुक्ति व वाई-फाई सुविधा भी अधर में है।
जल्द ही भाजपा उपराज्यपाल से मिलकर जांच की मांग करेगी। सरकार जनता को नित नई बसें लाने के सपने दिखाकर मूर्ख बना रही है, हकीकत यह है कि अव्यवहारिक टेंडर जारी कर सरकार सार्वजनिक परिवहन सेवा को निजी हाथों में सौंपना चाहती है