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Delhi NCR News: दिल्ली सरकार ने अस्पतालों के पास रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 09:56 PM IST
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- एम्स-सफदरजंग व जीबी पंत अस्पताल के आसपास बढ़ी क्षमता, 350 बेड तक की व्यवस्था
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने ठंड में बेघर लोगों को सुरक्षित रखने के लिए अपने आश्रय अभियान को और तेज किया है। एम्स, सफदरजंग और जीबी पंत जैसे अस्पतालों के पास रैन बसेरों की संख्या में इजाफा किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) और शेल्टर मैनेजमेंट एजेंसियां खुले में सो रहे लोगों को लगातार रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। रैन बसेरों में स्तर, तीन समय का खाना, साफ-सफाई और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाएं मुफ्त दी जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि विंटर एक्शन प्लान 2025-26 के तहत ठंड से बचाव के लिए राजधानी के संवेदनशील और अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में लगभग 250 अस्थायी ‘पगोडा’ रैन बसेरे भी स्थापित हैं। डूसिब द्वारा वर्तमान में पूरी दिल्ली में 197 स्थायी रैन बसेरे चलाए जा रहे हैं। एम्स-सफदरजंग क्षेत्र में पहले से मौजूद 320 बेड वाले 32 पगोडा रैन बसेरों के अलावा 3 नए पगोडा रैन बसेरे और बनाए हैं। इस इलाके में रैन बसेरों की कुल क्षमता बढ़कर 350 बेड हो गई है। उन्होंने बताया कि एम्स और सफदरजंग अस्पताल के आसपास बेघर लोगों की अधिक संख्या को देखते हुए वहां के सबवे क्षेत्र में भी अस्थायी शरण की व्यवस्था की गई। जरूरतमंद लोगों को तुरंत कंबल और बिस्तर उपलब्ध करा जा रहे हैं। सीएम ने बताया कि विशेष अभियान के तहत एम्स-सफदरजंग क्षेत्र से लगभग 75 बेघर लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जीबी पंत अस्पताल के आसपास भी 8 अस्थायी ‘पगोडा’ रैन बसेरे स्थापित हैं।
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