{"_id":"5ba1f640867a553da22ccced","slug":"delhi-government-free-pilgrimage-for-77-000-seniors-citizens-by-trains","type":"story","status":"publish","title_hn":"केजरीवाल सरकार 77 हजार वरिष्ठ नागरिको को कराएगी मुफ्त तीर्थ यात्रा, पढ़ें पूरी योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केजरीवाल सरकार 77 हजार वरिष्ठ नागरिको को कराएगी मुफ्त तीर्थ यात्रा, पढ़ें पूरी योजना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 19 Sep 2018 02:00 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
केजरीवाल सरकार राजधानी के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त में तीर्थ यात्रा कराने जा रही है। 77,000 तीर्थ यात्रियों के लिए सरकार अब बसों की जगह ट्रेन का इस्तेमाल करेगी। तीर्थ यात्रा सालाना पांच तीर्थों के लिए चलायी जाएगी। यह तीर्थ यात्रा 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' के अंतर्गत कराई जाएगी।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम ने इसके लिए सरकार के पास आईआरसीटीसी के साथ एक अनुबंध (एग्रीमेंट) करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। एग्रीमेंट के तहत आईआरसीटीसी यात्रियों को ले जाने के साथ-साथ होटलों में रहने और अन्य सुविधाओं का भी ख्याल रखेगी।
विज्ञापन
डीटीडीसी का कहना है कि, ट्रेन से यात्रा वरिष्ठ नागरिकों के लिए ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित होगी। उन्होंने बताया कि यात्रियों के लिए एसी कोच की व्यवस्था की जाएगी। इस एग्रीमेंट की लागत सरकार के अनुसार करीब 35 करोड़ रुपये आएगी। ट्रेन में शौचालय और खाने की सुविधा दो ऐसे महत्वपूर्ण वजह हैं, जिससे ट्रेन यात्रा को प्राथमिकता दी जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि, हमने अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, और पंजाब में चलाई जा रही मुफ्त तीर्थ योजनाओं का मूल्यांकन किया और पाया कि वह सभी ट्रेन का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। आईआरसीटीसी से स्टेशन और तीर्थ स्थल के बीच वाहन सुविधा उपलब्ध करवाने पर भी बात की जाएगी।
बता दें कि दिल्ली कैबिनेट की बैठक में इस योजना को जनवरी माह में ही मंजूरी दे दी गई थी। कैबिनेट ने 1000 बस खरीदने समेत तीन अन्य प्रस्तावों पर मुहर भी लगा दिए थे, लेकिन केजरीवाल सरकार ने अब बसों की जगह ट्रेन से यह यात्रा कराने का निर्णय लिया है।
'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' के अंतर्गत यात्रा खर्च के साथ मुसाफिरों के रहने के अलावा नाश्ता सहित दोपहर व रात के खाने का खर्च भी सरकार उठाएगी। हर यात्री का 2 लाख रुपये का बीमा भी कराया जाएगा। दिल्ली की हर विधानसभा से एक साल में 1,100 लोग योजना का फायदा ले सकेंगे।