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Delhi: DTC के मुद्दों को देखने के लिए बनी समिति, डीटीसी आयुक्त आशीष कुंद्रा करेंगे नेतृत्व
Fri, 22 Jul 2022 01:03 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 22 Jul 2022 01:03 AM IST
सार
डीटीसी के मुद्दों को देखने के लिए दिल्ली सरकार ने एक समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य डीटीसी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डीम्टस) के कामकाज में एकरूपता लाने के लिए सिफारिशें देना है।
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विस्तार
दिल्ली सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के मुद्दों को देखने के लिए एक समिति का गठन किया है। साथ यह समिति निजी क्लस्टर मॉडल के साथ परिचालन एकरूपता के लिए के लिए सिफारिश भी देगी। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा गठित समिति का नेतृत्व परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा करेंगे। वहीं, डीटीसी के प्रबंध निदेशक इसके सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
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अधिकारियों के अनुसार, समिति का उद्देश्य डीटीसी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डीम्टस) के कामकाज में एकरूपता लाने के लिए सिफारिशें देना है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और आराम के स्तर में सुधार हो सके। समिति को डीटीसी को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए तरीकों और साधनों की जांच करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि मानव हस्तक्षेप को कम किया जा सके। वहीं, समिति की अन्य जिम्मेदारियों में सुझाव देना शामिल होगा। सुझाव के माध्यम से विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की भर्ती के लिए समिति के सुझावों पर गौर किया जाएगा, जिससे डीटीसी को नई ऊंचाईयों पर ले जाया जा सके।
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अधिकारियों के मुताबिक, मंत्री ने जोर देकर कहा है कि बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के लिए तकनीक की समझ रखने वाले कार्यों को अपनाने की आवश्यकता होगी। वर्तमान में दिल्ली की सड़कों पर चलने वाली 7,200 बसों में से डीटीसी की 3,900 बसें चलती हैं। वहीं, इसमें से 3,300 क्लस्टर बसें हैं। साथ ही अगले महीने तक डीटीसी की 150 इलेक्ट्रिक बसों को भी बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा। बता दें कि अगले दो सालों में करीब 2600 बसें अपनी उम्र सीमा पूरी करने पर सड़कों पर नहीं दिखेंगी।
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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को विधानसभा में डीटीसी का कुल मूल्य नकारात्मक है। साल 2019-20 में राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को हुए नुकसान में इसका 99.74 फीसदी हिस्सा है। दिसंबर 2024 तक 12 हजार बसों का आंकड़ा छूने के लिए दिल्ली कैबिनेट ने पिछले महीने 1,950 बसों की खरीद को मंजूरी दी थी। साथ ही 4,880 और बसों के लिए नई निविदाएं जारी की थी।