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स्कूलों का हालः पहली परफार्मेंस ग्रेडिंग में दिल्ली को मिला ग्रेड-4, रिपोर्ट में खुलासा
Thu, 16 May 2019 06:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 16 May 2019 06:55 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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देश में उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के स्कूलों का प्रदर्शन सबसे खराब है, जबकि गुजरात, चंडीगढ़ और केरल के स्कूलों का प्रदर्शन सबसे अच्छा है।
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इसका खुलासा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा राज्यों की स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जारी पहली परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2017-18 की रिपोर्ट से हुआ है। इसके मुताबिक, हरियाणा व पंजाब को ग्रेड दो, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड को ग्रेड तीन तो दिल्ली को ग्रेड चार की श्रेणी मिली है।
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मंत्रालय ने 70 बिंदुओं के पैमाने पर आधारित परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) रिपोर्ट को 2018 से तैयार करने की शुरुआत की है। मंत्रालय ने इन बिंदुओं के आधार पर सभी राज्यों से ऑनलाइन जानकारी मांगी थी और उनकी सूचना पर 2017-18 की रिपोर्ट तैयार की गई। राज्यों की शिक्षा व्यवस्था के प्रदर्शन को छह ग्रेड में विभाजित किया गया था जोकि 1000 से 551 वेटेज पर आधारित था।
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1000-851 के वेटेज में कोई राज्य शामिल नहीं हो सका है क्योंकि उनकी परफार्मेंस 1000-851 वेटेज के मानकों को पूरी नहीं करती। चंडीगढ़, गुजरात व केरल को 801-851 का वेटेज या ग्रेड एक की श्रेणी मिली है। हरियाणा व पंजाब को 751-800 वेटेज के साथ ग्रेड दो, हिमाचल व उत्तराखंड को ग्रेड तीन संग 701-750 वेटेज, दिल्ली को ग्रेड चार के साथ 651-700 वेटेज और जम्मू कश्मीर व उत्तर प्रदेश को ग्रेड पांच के साथ 601-650 का वेटेज मिला है।
रिपोर्ट की महत्वपूर्ण बातें
- चंडीगढ़ में ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया बेहद पारदर्शी है
- दिल्ली में सेकेंडरी स्कूलों में सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध है
- हरियाणा स्वमूल्यांकन की प्रणाली, गुणवत्ता बढ़ाने की योजना में आगे है
- जम्मू-कश्मीर में प्राइमरी स्कूलों को पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री उपलब्धता बेहतर है
- हिमाचल प्रदेश में नौंवी व दसवीं कक्षा के छात्रों को रोजगार से जोड़ने के मकसद से वोकेशनल कोर्स कराए जा रहे हैं
- उत्तर प्रदेश के स्कूलों में मिड डे मील लक्ष्य से भी बेहतर ढंग से मुहैया करवाया जा रहा है
- उत्तराखंड ने पीपीपी मॉडल और सीएसआर मॉडल पर पैसा जुटाने का काम बेहतर ढंग से किया है
गुणवत्ता (क्वालिटी): कुल स्कोर 180
चंडीगढ़ : 160
उत्तराखंड : 148
हिमाचल प्रदेश : 140
हरियाणा : 134
जम्मू-कश्मीर : 132
उत्तर प्रदेश : 132
पंजाब : 126
दिल्ली : 124
शिक्षा की पहुंच (एक्सेस): कुल स्कोर 80
हिमाचल प्रदेश : 76
चंडीगढ़ : 75
पंजाब : 74
हरियाणा : 74
उत्तराखंड : 72
दिल्ली : 72
उत्तर प्रदेश : 62
जम्मू-कश्मीर : 53
बुनियादी सुविधा (इंफ्रास्ट्रक्चर एंड फैसिलिटी) : कुल स्कोर 150
पंजाब : 139
चंडीगढ़ : 133
हरियाणा : 116
दिल्ली : 114
उत्तराखंड : 102
हिमाचल प्रदेश : 96
जम्मू कश्मीर : 88
उत्तर प्रदेश : 73
समान शिक्षा (इक्विटी): कुल स्कोर 230
दिल्ली : 214
चंडीगढ़ : 213
हरियाणा : 211
हिमाचल प्रदेश : 209
जम्मू-कश्मीर : 203
उत्तर प्रदेश : 202
पंजाब : 200
उत्तराखंड : 194
गवर्नेंस प्रोसेस : कुल स्कोर 360
चंडीगढ़ : 260
हरियाणा : 252
दिल्ली : 223
हिमाचल प्रदेश : 215
पंजाब : 214
उत्तराखंड : 188
जम्मू-कश्मीर : 168
उत्तर प्रदेश : 134
उत्तराखंड : 148
हिमाचल प्रदेश : 140
हरियाणा : 134
जम्मू-कश्मीर : 132
उत्तर प्रदेश : 132
पंजाब : 126
दिल्ली : 124
शिक्षा की पहुंच (एक्सेस): कुल स्कोर 80
हिमाचल प्रदेश : 76
चंडीगढ़ : 75
पंजाब : 74
हरियाणा : 74
उत्तराखंड : 72
दिल्ली : 72
उत्तर प्रदेश : 62
जम्मू-कश्मीर : 53
बुनियादी सुविधा (इंफ्रास्ट्रक्चर एंड फैसिलिटी) : कुल स्कोर 150
पंजाब : 139
चंडीगढ़ : 133
हरियाणा : 116
दिल्ली : 114
उत्तराखंड : 102
हिमाचल प्रदेश : 96
जम्मू कश्मीर : 88
उत्तर प्रदेश : 73
समान शिक्षा (इक्विटी): कुल स्कोर 230
दिल्ली : 214
चंडीगढ़ : 213
हरियाणा : 211
हिमाचल प्रदेश : 209
जम्मू-कश्मीर : 203
उत्तर प्रदेश : 202
पंजाब : 200
उत्तराखंड : 194
गवर्नेंस प्रोसेस : कुल स्कोर 360
चंडीगढ़ : 260
हरियाणा : 252
दिल्ली : 223
हिमाचल प्रदेश : 215
पंजाब : 214
उत्तराखंड : 188
जम्मू-कश्मीर : 168
उत्तर प्रदेश : 134