दिल्ली विधानसभा चुनावः इस बार हर विधानसभा में पिकनिक स्पॉट जैसा होगा एक मतदान केंद्र
- लोकसभा चुनाव की भांति विधानसभा में दिखेंगे पिंक बूथ
- बच्चों के झूले से लेकर युवतियों को टेडी बियर तक मिल सकता है गिफ्ट
- महिलाओं का मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए बनेंगे ये केंद्र
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इस बार दिल्ली की हर विधानसभा में पिकनिक स्पॉट की तरह मतदान केंद्र होंगे। दिल्ली की 70 विधानसभाओं में एक-एक मतदान केंद्र ऐसे बनाए जाएंगे, जहां सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी और ये पिंक बूथ होंगे। दिल्ली वालों ने सबसे पहले पिंक बूथ पिछले लोकसभा चुनाव में देखे थे।
उस दौरान पूरे देश में ये बूथ काफी चर्चाओं में रहे थे। इस बार भी महिलाओं का मतदान प्रतिशत बढ़ाने और नारी सशक्तिकरण को लेकर दिल्ली चुनाव कार्यालय इसकी तैयारी में जुटा है। यहां तैनात होने वाले सुरक्षा जवान भी महिलाएं ही होंगी।
पिकनिक स्पॉट की तरह यहां सेल्फी पाइंट से लेकर बच्चों के खेलने के झूले इत्यादि भी देखने को मिल सकते हैं। इतना ही नहीं पिछली बार की तरह फिर इन मतदान केंद्र पर मेहंदी लगाती महिलाएं, मतदान करने वाली को टेडी बियर गिफ्ट, गुलाब का फूल इत्यादि भेंट किए जा सकते हैं।
बुधवार को दिल्ली के मुख्य निवार्चन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक मॉडल मतदान केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसका पूरा संचालन महिला कर्मचारियों के जरिए किया जाएगा।
इसके अलावा 11 जिलों में एक एक मतदान केंद्र ऐसे भी होंगे, जहां दिव्यांग कर्मचारियों के हाथ में सभी गतिविधियां होंगी। बूथ के बाहर पिंक यानि गुलाब रंग के गुब्बारे इत्यादि सजाए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो महिला कर्मचारियों की ड्रेस भी गुलाबी रंग की हो सकती है।
इन्हें मिली पोस्टल बैलेट की सुविधा, 19 तक फॉर्म मिलेंगे
इस बार उत्तरी रेलवे, दिल्ली मेट्रो कर्मी और चुनाव में लगे मीडिया कर्मी जो मतदान के दिन वोट करने नहीं जा सकते, उन्हें वोट करने के लिए पोस्टल बैलेट का अधिकार दिया गया है।
14 से 19 जनवरी तक इसके लिए फॉर्म 12डी भरकर देना होगा। हालांकि चुनाव कार्यालय की अपील है कि जो लोग मतदान केंद्र तक जा सकते हैं वे वहीं जाकर अपना वोट दें।
पहली बार मतदान से पहले रात में रूकेंगे कर्मचारी
दिल्ली में पहली बार मतदान से ठीक एक रात पहले सभी कर्मचारियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। ऐसा इसलिए भी किया है ताकि पोलिंग स्टेशन पर कर्मचारी समय रहते पहुंच सकें। वह रात वहीं गुजारेंगे और सुबह चुनाव प्रक्रिया के लिए जुट जाएंगे।मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि कई बार शिकायत आती थी कि कर्मचारी देरी से पहुुंचते हैं और चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसलिए ये फैसला लिया है। हालांकि महिला कर्मचारियों को इसे लेकर छूट रहेगी, बशर्ते वे समय पर पोलिंग स्टेशन पहुंचें।
कुछ केंद्रों पर ले जा सकेंगे मोबाइल फोन
दिल्ली चुनाव कार्यालय के अनुसार 11 जिलों में एक-एक विधानसभा में कुछ ऐसे भी मतदान केंद्र बनाए जाएंगे जहां मतदाता अपने मोबाइल फोन के साथ जा सकता है। हालांकि अगले सप्ताह तक इनकी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल फोटो वोटर स्लिप वाले मतदाता ही फोन ले जा सकते हैं।सर्विस वोटरों के लिए पहली बार बना विशेष बैलेट पेपर
इस बार सर्विस वोटरों के लिए विशेष बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके। विशेष प्रकार का ये बैलेट पेपर कंप्यूटर आधारित होगा, जिसमें क्यूआर कोड होगा। मतगणना के दौरान इसे स्कैन किया जाएगा।
अभी तक डाक के जरिए पोस्टल बैलेट पेपर भेजे जाते थे, लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट पेपर से काफी सहूलियत और समय का बचाव हो सकेगा। दिल्ली चुनाव कार्यालय के अनुसार 11,560 सर्विस वोटर पंजीकृत हैं।
राघव चड्ढा के खिलाफ 4 केस दर्ज
आचार संहिता का उल्लंघन करने पर अब तक आम आदमी पार्टी के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा राजेंद्र नगर से आप पार्टी के उम्मीदवार राघव चड्ढा के खिलाफ चार मामले दर्ज किए गए।
बीते बुधवार को राजेंद्र नगर विधानसभा के अंतर्गत इंद्रपुरी इलाके में राघव चड्ढा के फोटो लगे हुए अलग-अलग चार स्थानों पर बोर्ड और बैनर मिलने की शिकायत मिली। इसके बाद चुनाव अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और इंद्रपुरी थाने में मामला दर्ज कर बोर्ड और बैनर को वहां से हटाया।
मतदाताओं को कर रहे जागरूक
चुनाव आयोग की टीम कॉलोनियों और गांवों में ईवीएम और वीवीपैट मशीन का डेमो देकर लोगों को मतदान के प्रति जागरूक कर रही हैं। हर विधानसभा सीट में 2 वीवीपैट और ईवीएम डेमो के लिए दिए गए हैं।
नरेला के मेट्रो विहार, अलीपुर, ताजपुर, हमीदपुर, शाहपुर, भोरगढ़ और टिकरी खुर्द गांव के सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल वैन से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
आचार संहिता का पालन कराने के लिए झुग्गी झोपड़ी और बल्क एसएमएस पर भी नजर
आचार संहिता का पालन कराने के लिए चुनाव आयोग की नजर झुग्गी-झोपड़ियों और बल्क एसएमएस पर भी है। दिल्ली चुनाव कार्यालय के अनुसार, कुछ टीमों को झुग्गी इलाकों में लगाया गया है। यहां शराब और कैश आदि को लेकर गुप्तचरों के जरिये निगरानी रखी जा रही है।
उधर, वाहनों के दुरुपयोग को लेकर दिल्ली यातायात पुलिस सतर्क है। आचार संहिता लागू होने से लेकर 14 जनवरी तक 1048 वाहनों के चालान काटे गए, जो कोर्ट भेज दिए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा नॉर्थ-ईस्ट में 180 वाहनों को चालान, जबकि नई दिल्ली में सबसे कम 59 चालान काटे गए।
गुरुवार को आयोग ने 542 वाहनों के चालान काटे। इसमें पूर्वी दिल्ली में 34, नॉर्थ-ईस्ट में 49, साउथ में 40, साउथ-ईस्ट में 46, वेस्ट में 61, द्वारका में 20, आउटर में 16, मध्य जिले में 85, नॉर्थ में 63, नॉर्थ-वेस्ट में 50, नई दिल्ली में 32 व साउथ-वेस्ट में 46 वाहनों के चालान कटे हैं।