दिल्ली: आठ हजार बेड वाले आइसोलेशन कोच में कुल आठ सौ मरीज भी नहीं पहुंचे
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दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर कम नहीं हो रहा। अस्पतालों में भी आसानी से बेड संक्रमितों को नहीं मिल रही है, मजबूरन डॉक्टरों की सलाह पर होम आइसोलेशन में रहने की मजबूरी है। इस बीच रेलवे की तरफ से भी पांच सौ से अधिक कोच को आइसोलेशन कोच में तब्दील कर कोरोना मरीजों के उपचार की पहल की गई। लेकिन बीते पांच महीने से भी अधिक समय से ये कोच स्टेशनों पर मरीजों के इंतजार में सिर्फ प्लेटफार्म बदल रही है। पूरी की पूरी तैयारी धरी रह गई है। आलम यह है कि आठ हजार मरीजों के आइसोलेशन के लिए तैयार कोच में बीते छह महीने में आठ सौ मरीज तक का भी उपचार नहीं हो सका है।
शकूरबस्ती को छोड़ अन्य आठ स्टेशन पर कोच का सिर्फ रख-रखाव
उत्तर रेलवे ने दिल्ली सरकार की मांग पर कोविड केयर सेंटर वाले 503 आईसोलेशन कोच उपलब्ध कराया गया था। ये 503 आईसोलेशन कोच दिल्ली क्षेत्र के 9 अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था। इनमें आंनद विहार टर्मिनल, शकूरबस्ती, दिल्ली सराय रौहिल्ला, दिल्ली सफदरजंग, दिल्ली शाहदरा, आदर्श नगर, दिल्ली छावनी, बादली और तुगलकाबाद स्टेशन पर तैनात किया गया है। स्टेशनों पर तो कोविड रिसेप्शन सेंटर भी बनाया गया है। लेकिन ये सभी तैयारी महज राज्य व केंद्र सरकार की राजनीति में उलझी हुई है।
कोच की संख्या घटाई गई
राज्य सरकार की तरफ से मांग को नहीं देखते हुए आइसोलेशन कोच की संख्या घटाई जा रही है। त्योहारों के दौरान नई दिल्ली स्टेशन के साथ ही अन्य स्टेशनों से भी ट्रेनों के संचालन को शुरू कर दिया गया। ऐसी स्थिति में कई आइसोलेशन कोच को वापस यार्ड में भेज दिया गया है। फिलहाल दिल्ली में 260 कोच का ही रखरखाव किया जा रहा है।
कभी गर्मी तो कभी सर्दी आ रहा है आड़े
कोविड-19 के बढ़ते मामले को देखते हुए रेलवे की तरफ से दिल्ली के स्टेशनों पर आइसोलेटेड कोच जून महीने में ही लगा दिए गए। उस दौरान राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने इस कोच का दौरा भी किया। गर्मी को लेकर तमाम तरह के सवाल उठाए गए कि मरीजों को कैसे गर्मी के दिनों में बेहाल तरीके से रखा जाए। आनन-फानन में रेलवे की तरफ से कोच में तापमान नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए, बावजूद पांच महीने बाद आइसोलेटेड कोच सिर्फ प्लेटफार्म बदल रहे है। अब नई समस्या सर्दी को लेकर जल्द ही उभरने वाली है। दबी जुबान में यह चर्चाएं भी शुरू हो गई है कि मरीजों को कैसे ठंड के दिनों में प्लेटफार्म पर शिफ्ट किया जा सकता है।
8048 बिस्तरों वाले कोच में महज 672 को मिला उपचार
दिल्ली के नौ स्टेशन पर कोविड केयर कोच तो तैनात है, लेकिन इनमें महज शकुरस्ती स्थित कोच में ही मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इस स्टेशन पर 642 से अधिक मरीजों का उपचार कर या तो घर भेजा जा चुका है या उन्हें अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। फिलहाल 30 के करीब मरीजों का उपचार चल रहा है।
8048 बिस्तरों की सुविधा वाले इन डिब्बों के रख-रखाव के लिए इन स्टेशनों पर बुनियादे सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थी। साथ ही एम्बुलेंस के सुगम आवागमन के लिए सड़क मार्ग भी उपलब्ध है।
शकूरबस्ती स्थित कोविड केयर सेंटर में अब तक कुल 672 मरीज भर्ती किए गए जिसमें से 642 मरीजों को डिस्चार्ज/शिफ्ट किया गया है। 30 से अधिक मरीज अभी भी उपचाराधीन/भर्ती हैं। आईसोलेशन कोच सेंटर में रोगियों को स्वास्थ्यकर तथा गुणवत्ता वाला खाना दिया जा रहा है। उत्तर रेलवे कोरोना से लड़ाई लड़ने के लिए हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
260 कोच में 50 का भी फिलहाल इस्तेमाल नहीं हो रहा है। दिल्ली में सभी कोच को बेहतर कंडीशन में रखा गया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इन कोच को फिलहाल हटाने का आदेश नहीं है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार