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16 साल की उम्र तक सीमेंट से ईंटों की तरह चिपकी थी आंत, 11 घंटे के ऑपरेशन के बाद मिला नया जीवन

Thu, 18 Oct 2018 02:02 PM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 18 Oct 2018 02:02 PM IST
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delhi doctors operated for 11 hours  a man whose intestine was glued with each other
उत्कर्ष जिसे थी जन्मजात गंभीर बीमारी - फोटो : अमर उजाला

16 साल की उम्र में 30 बार अस्पताल में भर्ती होना और चार बार ऑपरेशन कराना मुश्किल होता है। लेकिन इस मुसीबत से यूपी के कानपुर स्थित निवासी उत्कर्ष जायसवाल गुजर चुका है। जन्म से ही उत्कर्ष ऐसी बीमारी से ग्रस्त था।

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डॉक्टरों की मानें तो जिस तरह से सीमेंट लगाने के बाद दो ईंटें चिपक जाती हैं, उसी तरह उत्कर्ष की आंतें भी चिपकी हुई थीं। यह बच्चा इलियल एट्रेसिया नामक जन्मजात बीमारी से ग्रस्त था। कुछ वर्षों में यूपी के कई जिलों से इस तरह के केस देखने को मिले हैं। इनमें कानपुर और मेरठ के दो केस दिल्ली मैक्स अस्पताल तक पहुंचे हैं।
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जानकारी के अनुसार जन्म के 24 घंटे के भीतर डॉक्टरों को स्थिति का पता चला तो बच्चे का ऑपरेशन कर दिया, लेकिन उम्र के साथ तकलीफ बढ़ने लगी। पिता एके जायसवाल का कहना है कि तीन बार कानपुर और एक बार दिल्ली में ऑपरेशन कराने के बाद भी बच्चे को राहत नहीं मिली है। आखिर में परिजनों ने उसे दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष वशिष्ठ को दिखाया और दुर्लभ सर्जरी के बाद फिलहाल बच्चा स्वस्थ है।

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क्या कहते हैं डॉक्टर

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डॉक्टर उत्कर्ष की बीमारी की जानकारी देते हुए - फोटो : अमर उजाला

डॉ. आशीष वशिष्ठ ने बताया कि जन्म से जुड़ी बीमारियों के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी होती है। इस बच्चे के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनका कहना है कि जब उनके पास बच्चा आया था तो उसकी हालत गंभीर थी। करीब 11 घंटे के ऑपरेशन के बाद उत्कर्ष को बचाया गया है।

इस ऑपरेशन में सिर्फ आंतों को एक दूसरे से हटाना ही नहीं, बल्कि सिकुड़ी हुई आहार नलिका को भी ठीक करना था। ताकि बच्चा भोजन ले सके। अब तक वह कुछ भी खाता तो उल्टी हो जाती थी। इसलिए डॉक्टरों ने बच्चे का ऑपरेशन करते समय उसकी आहार नलिका के पास पाचन तंत्र तक एक रास्ता भी बनाया।

पिता एके जायसवाल का कहना है कि फिलहाल उनका बच्चा स्वस्थ है और वह अब कानुपर में एक स्कूल में पढ़ने जा रहा है। वह नौंवी कक्षा का छात्र है।

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