सीबीएसई बोर्ड परीक्षा: दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों से कहा-बच्चों के हर विषय के टॉपिक से जुड़ी परेशानी हो हल
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को कहा है कि बच्चों के हर विषय के टॉपिक से जुड़ी परेशानी को हल किया जाए। छात्रों को मुख्य व अतिरिक्त प्रश्नों के लिए पर्याप्त अभ्यास कराया जाए, जिससे टर्म-2 की परीक्षा में उनका प्रदर्शन अच्छा रहे। निदेशालय स्कूलों का रिजल्ट अच्छा चाह रहा है।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से दसवीं-बारहवीं की परीक्षा तिथियां घोषित हो गई हैं। 26 अप्रैल से दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने भी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के दसवीं व बाहरवीं के बच्चों की परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए कमर कस ली है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को कहा है कि बच्चों के हर विषय के टॉपिक से जुड़ी परेशानी को हल किया जाए। बच्चों का ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करवाया जाए जिससे कि वह बोर्ड की टर्म-2 की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
स्कूलों का किसी भी कारण खराब न हो रिजल्ट
सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को कहा गया है कि वह पाठ्यक्रम के सभी टॉपिक को रिवाइज्ड करवाएं। बीते कुछ सालों से सरकारी स्कूलों के रिजल्ट में काफी सुधार हो रहा है। ऐसे में निदेशालय नहीं चाहता है कि इस बार किसी भी कारण से स्कूलों का रिजल्ट खराब हो। बच्चों को किसी टॉपिक में जो कमी लग रही है, उसकी पहचान कर उसे सुधार करने के लिए भी कहा गया है। स्कूल प्रमुखों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है कि विषय से संबंधित छात्रों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाए।
टर्म-2 परीक्षा में छात्रों का प्रदर्शन अच्छा रखने पर जोर
छात्रों को मुख्य व अतिरिक्त प्रश्नों के लिए पर्याप्त अभ्यास कराया जाए। जिससे कि टर्म-2 की परीक्षा में छात्रों का प्रदर्शन अच्छा रहे। परीक्षा तिथियों को स्कूल में ऐसे स्थान पर लगाया जाए जहां से बच्चे तिथियों को लिख लें। इन्हीं तिथियों के अनुसार वह अपने को तैयार कर सकें। मालूम हो कि पचास फीसदी पाठ्यक्रम केअनुसार टर्म-2 की परीक्षा 26 अप्रैल से शुरू होनी है। जल्द ही स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी।