दिल्ली के बाद उत्तराखंड में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में 'आप', मनीष सिसोदिया ने की अभियान की शुरुआत
- दिल्ली के बाद उत्तराखंड में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में हैं अरविंद केजरीवाल, पहाड़ी-गढ़वाली वोटरों के सहारे सीमा से सटे राज्य में बड़े परिवर्तन की उम्मीद
- मनीष सिसोदिया की साफ-सुथरी और विकासवादी छवि को भुनाने की कोशिश कर रही पार्टी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अभी एक ही दिन पहले गुरुवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर कुछ अराजक तत्वों ने हमला कर दिया था। उनकी अनुपस्थिति में घर की दीवार फांदकर कुछ लोगों ने उनके घर में घुसने और उनके परिवार को डराने की कोशिश की। लेकिन इस वारदात से विचलित हुए बिना सिसोदिया शुक्रवार को उत्तराखंड के मिशन पर हैं। जहां आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन्हें पार्टी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। वे शुक्रवार को उत्तराखंड में पाार्टी के एक कार्यालय का उद्घाटन करेंगे।
उत्तराखंड में लोगों की आस्था के केंद्र बाबा नीम करोली- कैंची धाम आश्रम का आशीर्वाद लेकर वे आगे बढ़ चुके हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का एक बड़ा हुजूम उनके साथ है। एक नई पार्टी होने के बाद भी उनका जिस तरह से स्वागत किया जा रहा है, वह आम आदमी पार्टी में जोश भरने के लिए पर्याप्त है।
सिसोदिया को ही क्यों भेजा?
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल सरकार के सभी मंत्रियों ने बेहतर कामकाज किया है। लेकिन मनीष सिसोदिया ने अपने शिक्षा के अभियान से दिल्ली सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। सरकारी स्कूलों को सुधार कर एक मॉडल स्कूल बनाने का उनका काम हर व्यक्ति को आकर्षित कर रहा है।
आम आदमी पार्टी की राजनीति का यह एक ऐसा आयाम है जिसकी काट विपक्ष के किसी भी दल के पास नहीं है। अपने इन कार्यों के कारण मनीष सिसोदिया की एक बेहतरीन छवि भी जनता के बीच बन चुकी है। पार्टी इसी छवि को उत्तराखंड में भुनाना चाहती है। यही कारण है कि उत्तराखंड में पार्टी को आगे बढ़ाने का अभियान उन्हें सौंपा गया है।
लेकिन क्या भाजपा और कांग्रेस की जमी-जमाई जमीन पर आप के लिए बड़ी संभावना बन सकती है? इस सवाल पर आप सांसद कहते हैं कि पार्टी ने जिस दिल्ली में अपनी एतिहासिक सफलता हासिल की है, वह जमीन भी उसके पहले कांग्रेस और भाजपा की ही थी। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने जनता के मन में एक भरोसा पैदा किया और जनता ने हमें अवसर दिया। आज अरविंद केजरीवाल ने यह साबित कर दिया है कि केजरीवाल पर उनका भरोसा करना बिल्कुल गलत नहीं था।
अब हमारे पास दिल्ली मॉडल
संजय सिंह कहते हैं कि जब हमने 2012 में पार्टी की शुरुआत की थी, तब हमारे पास अपने इरादों को बताने के अलावा और कुछ नहीं था। लेकिन अब हमारे पास दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार का छह साल का काम करने का अनुभव है। हमने दिल्ली के साथ-साथ पूरे देश की जनता को यह दिखा दिया है कि बिना अतिरिक्त आय के भी जनता को मुफ्त में बिजली-पानी दी जा सकती है।
साथ ही, केजरीवाल सरकार ने यह भी दिखा दिया कि बिना भ्रष्टाचार के भी जनता को मुफ्त परिवहन सेवाएं दी जा सकती हैं। उत्तराखंड राज्य के लोग भी दिल्ली में बड़ी संख्या में रहते हैं और वे स्वयं इन सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं, और वे अपने राज्य में जाकर इनकी चर्चा कर रहे हैं। यह हमारे लिए बड़ी मदद कर सकता है।
सांसद के मुताबिक, हकीकत यह है कि पहाड़ से जुड़े आप कार्यकर्ताओं ने ही पार्टी को यह सुझाव दिया कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार का बहुत बोलबाला हो चुका है और जनता इससे त्रस्त है। अगर यहां दिल्ली की तरह की राजनीति की जाती है तो इसका जनता खुले दिल से स्वागत करेगी। जिसके बाद पार्टी उत्तराखंड में अपना भविष्य तलाश रही है।