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दिल्ली : निलंबित आप पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिक पर अदालत ने सुरक्षित रखा फैसला
Thu, 09 Jul 2020 05:48 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 09 Jul 2020 05:48 PM IST
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ताहिर हुसैन
- फोटो : एएनआई
निलंबित आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। ताहिर हुसैन आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या में आरोपी है। कोर्ट मामले में 13 जुलाई को अपना फैसला सुनाएगी।
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सुनियोजित दंगे के लिए पिंजरा तोड़ समूह के संपर्क में था ताहिर हुसैन
उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन दंगों की सुनियोजित और गहरी साजिश रचने के लिए कथित तौर पर पिंजरा तोड़ समूह की सदस्यों और जेएनयू छात्राओं नताशा नरवाल तथा देवांगना कलिता के संपर्क में था। यह दावा दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दायर आरोप पत्र में किया है।
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कड़कड़डूमा अदालत के मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट राकेश कुमार रामपुरी के समक्ष पिछले महीने दाखिल आरोप पत्र में पुलिस ने दो महिलाओं और कई अन्य लोगों के साथ ताहिर हुसैन को दंगे में 53 व्यक्तियों की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। इस आरोप पत्र पर अदालत 20 जुलाई को सुनवाई करेगी।
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इस आरोप पत्र में पुलिस ने कहा कि ताहिर हुसैन कथित तौर पर नताशा नरवाल और देवांगना कलिता, वाजिद खान (शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन के आयोजन में कथित रूप से शामिल), हाजी बल्लो (खजुरी खास इलाके में सीएए विरोधी प्रदर्शन में कथित रूप से शामिल), हाजी मंगता (चांद बाग इलाके में विरोध प्रदर्शन के आयोजन में कथित तौर पर शामिल) और हसीबुल हसन (जाफराबाद क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन में कथित तौर पर शामिल) के संपर्क में था।
पुलिस ने आरोपपत्र में ताहिर हुसैन पर आरोप लगाया कि उसने दंगा भड़काने के लिए एक करोड़ 30 लाख रुपए खर्च किए थे और इलाके में दंगे के दौरान हुई क्षति के लिए भी हुसैन ही जिम्मेदार है।