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उन्नाव दुष्कर्म कांड: कोर्ट ने मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने से किया इनकार

Wed, 07 Aug 2019 10:41 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Wed, 07 Aug 2019 10:41 PM IST
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Delhi Court Denies to stop media reporting over Unnao Rape case
दिल्ली कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media (File Photo)

उन्नाव दुष्कर्म मामले में सीबीआई ने भाजपा से निष्कासित बांगरमऊ के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व सह-आरोपी शशि सिंह के खिलाफ आरोपों पर बहस पूरी कर दी। सीबीआई ने कहा कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि आरोपी ने वर्ष 2017 में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया जो उस समय नाबालिग थी। दूसरी ओर से बचाव पक्ष ने जांच एजेंसी की इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि पीड़िता नाबालिग नहीं थी और आरोपियों पर पोक्सो का मामला नहीं बनता। 

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तीस हजारी अदालत के जिला व सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के समक्ष सीबीआई व बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोपों पर जिरह की। सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक भारतेंदू ने कहा कि आरोपी कुलदीप सेंगर ने नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म किया था और इसमें उसकी मदद शशि सिंह ने की थी क्योंकि वही पीड़िता को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पीड़िता को सेंगर के पास ले गई थी। इस मामले में तीन अप्रैल 2018 तक पुलिस ने कुछ नहीं किया और उसके बाद पीड़िता की मां ने कोर्ट की शरण ली थी।
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दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर ने कहा कि उनके मुव्वकिल पर पोक्सो का मामला नहीं बनता क्योंकि जब यह घटना हुई थी उस समय पीड़िता की उम्र 18 साल से अधिक थी। यह बात स्कूल के दस्तावेज व मेडिकल रिपोर्ट से सामने आई है। अदालत में सीबीआई ने केस से जुड़ी कॉल डाटा रिपोर्ट (सीडीआर) व हार्ड डिस्क से जुड़ी फोरेंसिक रिपोर्ट सील कवर में पेश की। कोर्ट ने इस रिपोर्ट की कॉपी सीडी या पैन ड्राइव में बचाव पक्ष को मुहैया कराने का निर्देश जांच अधिकारी को दिया है। 
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अदालत ने सीबीआई व तनवीर अहमद मीर की केस की मीडिया रिपोर्ट पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि अदालत ने कहा कि मीडिया केस की संयमित रिपोर्टिंग करे और विशिष्ट तथ्य पेश न करे और न केस पर अपनी राय बनाए। मीर ने मीडिया कर्मियों से कोर्ट रूम के बाहर यहां तक कह दिया कि मीडिया को कानूनी मामलों की समझ नहीं है और मीडिया की कमाई का मुख्य जरिया अंतर वस्त्रों की बिक्री है क्योंकि उसकी मुख्य आय वहीं से आती है। 

सीबीआई ने पीड़िता, उसके परिजनों व गवाहों की सुरक्षा के लिए उठाए कदमों की जानकारी संबंधी रिपोर्ट बुधवार को कोर्ट में पेश कर दी। अदालत ने इन लोगों के रोजमर्रा के खर्च के लिए धन राशि देने का निर्देश भी सीबीआई को दिया है। इसके लिए उनकी आर्थिक स्थिति पर एजेंसी से 13 अगस्त तक रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई अब नौ अगस्त को होगी। 


पेश मामला चार जून  वर्ष 2017 को भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा उनके आवास पर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म से जुड़ा है। लड़की नौकरी की तलाश में विधायक के घर पहुंची थी और उसके बाद विधायक ने कथित रूप से दुष्कर्म किया था। शशि सिंह पर आरोप है कि उसने लड़की को नौकरी का लालच देकर सेंगर के घर तक पहुंचाया था।

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