पढ़िए, हार से बेचैन कांग्रेसियों का 'विक्ट्री' प्लान
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लोकसभा चुनाव में करारी हार से कांग्रेस के नेता बुरी तरह बेचैन हैं। उनकी कोशिश है कि अब प्र्रत्येक चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों को मात दी जाए।
लोकसभा चुनाव के बाद विभिन्न राज्यों में विधानसभा के उपचुनाव में मिली राहत का सिलसिला वह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में भी जारी रखना चाहते हैं। इस तरह के संकेत कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने बृहस्पतिवार को तीनों नगर निगम के पार्टी पार्षदों के समक्ष दिए।
सिविक सेंटर में पार्षदों के साथ बैठक में वासनिक ने कहा कि पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए सभी ताकत लगा दें और जो भी चुनाव आए, उसमें हर हाल में जीत हासिल करने के लिए कमर कसी जाए।
डूसू चुनाव में एनएसयूआई को जिताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाए। इस जीत से पूरे देश में संदेश जाएगा और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने पार्षदों को डूसू चुनाव में जीतने का मंत्र भी दिया।
सेमीफाइनल जीतने की तैयारी में कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद्र्र सिंह लवली ने पार्षदों से कहा कि वह अपने चुनाव की ही तरह डूसू चुनाव में काम करें। युवाओं के बीच जाकर एबीवीपी के बीते साल के कार्यकाल की खामियां बताएं। इसके अलावा केंद्र की एनडीए सरकार के 100 दिनों की नाकामियों के बारे में भी बताएं।
बैठक में विधायक दल के नेता हारून यूसुफ ने भी पार्षदों को संबोधित किया। इस मौके पर तीनों नगर निगम में विपक्ष के नेता मुकेश गोयल, फरहाद सूरी और वरियाम कौर ने पार्टी नेताओं को आश्वासन दिया कि डूसू चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी पार्षदों ने काम करने की रूपरेखा तैयार कर ली है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली थी। कई राज्यों में उसका खाता भी नहीं खुल सका। दिल्ली में कांग्रेस ने सातों सीटें गवां दी थीं, जबकि इसके पहले सभी सीटों पर कांग्रेस के ही सांसद थे, इनमें से कई केंद्रीय मंत्री भी थे।
डूसू चुनाव में प्रदेश कांग्रेस की सक्रियता की वजह दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने की संभावना भी है। सभी पार्टियां इसे दिल्ली चुनाव का सेमीफाइनल मानकर चल रही हैं।