तेजाब हमले से बदरंग हुई चार महिलाओं की जिंदगी को मिली नई उम्मीद
तेजाब हमले के चलते रेनू की आंखों की रोशनी गुम हो गई। वहीं आशिया का शरीर बदरंग हो गया, लेकिन दिल्ली महिला आयोग ने इन पीड़िताओं को नौकरी देकर इनके दर्द को कम करके हौसले की उड़ान भरने का मौका दिया है।
अब ये अपने परिवार की अच्छी परवरिश कर सकेगी। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, आयोग में अभी तक कुल चार तेजाब पीड़िताओं को नौकरी दी गई है।
इसकी मदद से ये अपना व परिवार की अच्छी परवरिश कर सकेगी। मालीवाल ने बताया कि आशिया को एमटीएम के पद पर तैनात किया गया है। वहीं रेनू को मोबिलिटी ट्रेनिंग के तहत आर्ट एंड क्राफ्ट, कंप्यूटर सिखाया जा रहा है।
दिल्ली महिला आयोग ने चार तेजाब पीड़िताओं को दी नौकरी
इसके अलावा इन्हें घर से सेंटर तक लाने और छोड़ने के लिए परिवहन की भी व्यवस्था की जा रही है। बता दें कि आशिया जब 15 साल की थी तो उसके पति ने उस पर तेजाब फेंक दिया था।
माता-पिता की मौत के बाद चार छोटे भाई-बहन की जिम्मेदारी भी उस पर आ गई। पहले वह तीन हजार रुपये कमाती थी, लेकिन अब 12 हजार रुपये वेतन मिलने के बाद वह अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा सकेगी।
वहीं रेनू पर 10 साल पहले किरायेदार लड़के ने चेहरे पर तेजाब फेंक दिया था। इससे उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी।