केजरीवाल दस दिन के लिए तोड़ेंगे सबसे नाता, सिसोदिया के कंधों पर होगा सारा बोझ
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दिल्ली में अपने मंत्रियों और विधायकों की गिरफ्तारी से परेशान मुख्यमंत्री अब सारे पचड़ों से दूर एकांत में जाना चाहते हैं। अगले दस दिन तक वो न तो ट्वीटर पर दिखेंगे, न फेसबुक और न ही किसी पब्लिक मीटिंग में।
अगस्त के पहले सप्ताह में केजरीवाल के विपश्यना पर जाने की संभावना है। केजरीवाल पहले भी ऐसा कर चुके हैं। इससे पहले 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद भी केजरीवाल चुनाव प्रचार की थकान मिटाने के लिए विपश्यना पर जा चुके हैं।
हालांकि, इस पूरी कोशिश को राजनीति से जोड़ कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि ये पंजाब चुनाव की तैयारी का ही हिस्सा है। पिछले दिनों एक समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने का विवाद सामने आने के बाद केजरीवाल मत्था टेकने सीधे अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पहुंच गए थे।
किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं देंगे साथ
दिल्ली में पूर्ण बहुमत से जीत चुके केजरीवाल अब किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते। बता दें कि पंजाब में चुनावी एक्शन शुरु हो चुका है जिसको लेकर सभी पार्टियां जोरदार कोशिशों में लगी हुई हैं।
बीते दिनों आप के पदाधिकारी ने ऐलान किया कि केजरीवाल 10 दिनों की छुट्टी लेकर विपश्यना पर नागपुर के एक मेडिटेशन सेंटर जा रहे हैं। इस बीच केजरीवाल किसी भी सोशल मीडिया पर ऐक्टिव नहीं होगें और ना ही किसी प्रकार के राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के भागीदार बनेंगे।
इस बीच दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले भी केजरीवाल के बीमार होने पर मनीष सिसोदिया ने ही मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि इस बार विपश्यना पर जाने के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है।