मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बोले- जल्द खत्म होगी जलभराव की समस्या, जलनिकासी के लिए बना रहे खास योजना
दिल्ली को जलभराव से बचाने के लिए लोगों ने कई सुझाव दिए हैं। इनमें नालियों में ठोस अपशिष्ट जाने से रोकने, प्लास्टिक-पन्नियों के कचरे नालियों में जाने से रोकने, गाद के नालियों में जाने से रोकने के लिए उपयुक्त जगहों पर पिट्स बनाने और बड़ी पक्की नालियों की समय-समय पर सफाई करना शामिल है...
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बारिश के मौसम में सड़कों पर जलभराव दिल्ली की बड़ी समस्या बन जाती है। लेकिन दिल्ली सरकार विशेष योजना बनाकर जलभराव की समस्या को खत्म करने की रणनीति बना रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक कर कहा है कि जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए विशेषज्ञों के सुझाव लिए जाएं। दिल्ली में अगले 30-35 साल तक के लिए जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ड्रेनेज सिस्टम पर उच्चाधिकारियों से बातचीत करने के बाद यह निर्णय लिया।
सड़कों पर जलभऱाव रोकने के लिए छोटी-छोटी नालियों को बिना किसी बाधा के उनका जल मुख्य नाले तक जोड़ने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। उन प्रमुख नालों की पहचान भी की जा रही है, जिनमें जलनिकास सही तरीके से नहीं हो पाती और नालियों से जल बहने की बजाय सड़कों पर बहने लग जाता है। जिन नालियों का ढलाव सही नहीं है और वहां जल भर जाता है, उसकी पहचान कर उन्हें ठीक किया जाना है।
एक्सपर्ट कमेटी का गठन
राजधानी के जलभराव को रोकने के लिए सरकार ने टेक्निकल कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी दिल्ली में होने वाली अधिकतम वर्षा, उपलब्ध क्षेत्र, जल का बहाव और दिल्ली के नालों और यमुना की जल धारण क्षमता का अध्ययन कर जल भराव को रोकने के लिए उचित सुझाव देगी।
मिले थे ये सुझाव
दिल्ली को जलभराव से बचाने के लिए लोगों ने कई सुझाव दिए हैं। इनमें नालियों में ठोस अपशिष्ट जाने से रोकने, प्लास्टिक-पन्नियों के कचरे नालियों में जाने से रोकने, गाद के नालियों में जाने से रोकने के लिए उपयुक्त जगहों पर पिट्स बनाने और बड़ी पक्की नालियों की समय-समय पर सफाई करना शामिल है।