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दिल्ली चलो मार्च : पिछले दस दिनों से नहीं हुआ कोई कारोबार, ज्यादातर दुकानें व शोरूम बंद
Sat, 05 Dec 2020 10:46 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 05 Dec 2020 10:46 PM IST
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किसान आंदोलन के चलते दुकानें बंद
- फोटो : अमर उजाला
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सोनीपत-पानीपत हाईवे पर पिछले करीब 10 दिनों से किसानों ने डेरा डाला हुआ है। सड़क दोनों ओर से बंद है, ऐसे में मेन रोड पर मौजूद दुकानों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। किसान आंदोलन की वजह से बहुत सारे दुकानदारों ने तो अपनी दुकानें बंद ही की हुई हैं, जो खुली हैं, वहां से ग्राहक गायब है। कारोबारियों का कहना है कि जब रोड ही बंद है तो उनके कस्टमर कहां से आएंगे।
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कारोबार में लगातार घाटा होने के बाद भी दुकानदारों का कहना है कि वह नुकसान होने के बाद भी किसानों के साथ खड़े हैं। किसान तो देश की रीढ़ की हड्डी है। यदि इनको ही खत्म कर दिया जाएगा तो देश पर मुसीबत आ जाएगी।
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सिंघु बार्डर पर राममूर्ति स्टील के नाम से लोहे का कारोबार करने वाले दीपक मंगला ने बताया कि किसानों के बार्डर पर आते ही उनका धंधा लगभग बंद हो गया है। बड़ी संख्या में उनके पास दिल्ली के ग्राहक आते हैं, लेकिन बार्डर बंद होने की वजह से कोई भी नहीं आ पा रहा है। पत्थी की दुकान मालिक प्रदीप कुमार ने बताया कि नुकसान होने के बाद भी वह अपने देश के किसानों के साथ खड़े हैं।
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उनको बड़ा नुकसान होगा भी तो उनको इसकी परवाह नहीं। क्रॉसफीट के नाम से जूतों व कपड़ों का शोरूम चलाने वाले सोनू ने बताया कि नौ दिनों बाद आज उन्होंने दुकान खोली है। सुबह से उनकी दुकान पर एक भी कस्टमर नहीं आया है। अभी पता नहीं किसान आंदोलन कितना लंबा चलने वाला है। सरकार को किसानों की बातों को मांग लेना चाहिए।