चुनाव से पहले BJP में गिरेगी कइयों पर गाज
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विधानसभा चुनाव सर पर है लेकिन प्रदेश भाजपा की टीम अब तक तैयार नहीं हुई है। जिलाध्यक्षों पर गाज गिरने के बाद अब मंडल अध्यक्षों पर गाज गिरने वाली है। इस सप्ताह भाजपा बड़े स्तर पर मंडल के कार्यकर्ताओं में फेरबदल करने वाली है। इसके तहत दिल्ली के करीब दो सौ मंडलों के अध्यक्ष बदल जाएंगे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय को पद संभाले हुए चार महीने होने को हैं। कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति तो पिछले दिनों हो गई, लेकिन अभी मंडल अध्यक्षों में फेरबदल बाकी है।
बता दें कि भाजपा की टीम लोकतांत्रिक तरीके से गठित होती है। जिसके तहत सबसे पहले मंडल में चुनाव होता है यानी मंडल की टीम गठित होती है फिर मंडल के नेताओं की सहमति पर जिलाध्यक्षों का चुनाव होता है। लेकिन इस बार सबसे पहले कार्यकारिणी ही गठित कर ली गई। लिहाजा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत न तो प्रदेश की कार्यकारिणी का गठन हुआ और न ही जिलाध्यक्षों का।
दिल्ली के सभी मंडलों में चुनाव
भाजपा सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के सभी 272 मंडलों में इस सप्ताह चुनाव होगा। जिसमें दो सौ मंडलों में फेरबदल संभव है। हालांकि मंडलों में फेरबदल के संकेत को लेकर भाजपा के सभी नेता सहमत नहीं हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान अगर मंडलों में फेरबदल किया जाएगा तो इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है। मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका चुनाव के दौरान अहम होती है। मंडल के नेता ही मतदाताओं को बूथ तक ले जाने का काम करते हैं।
ऐसे में अगर दो सौ मंडलों पर फेरबदल होती है तो इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है। पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि पिछले विधानसभा में यही वजह था कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल और डॉ. हर्षवर्धन ने मंडल के नेताओं में भारी फेरबदल से हिचकते रहे थे।