तीखी बहस के बीच BJP विधायक को सदन से बाहर निकाला
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विधानसभा में सीएम और एलजी के अधिकारों के विवाद को सुलझाने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था। विधानसभा में चल रही तीखी बहस के बीच टिप्पणी दर्ज कराने के बाद बीजेप विधायक ओमप्रकाश शर्मा को विधानसभा से बाहर कर दिया गया।
आपको बता दें कि अलका लांबा ने विधानसभा में एलजी को लेकर टिप्पणी की थी कि एलजी के जरिए मोटा माल मिलता है अलका लांबा की इस टिप्पणी के बाद बीजेपी विधायक ने गुस्सा जताया।
शर्मा ने जब इस बयान पर आपत्ति दर्ज की तो उन्हें विधानसभा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और जब उन्होंने खुद बाहर जाने से इंकार किया तो उन्हें मार्शल की मदद से बाहर कर दिया गया।
सदन से निकाले जाने के बाद क्या बोले ओमप्रकाश शर्मा
सदन से बाहर निकाले जाने के बाद बीजेपी विधायक ओमप्रकाश शर्मा बोले कि सदन में मोदी जी और एलजी के खिलाफ सदन में खराब भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस वजह से मैने स्पीकर से कहा कि वो एक आम आदमी पार्टी के सदस्य की तरह बर्ताव नहीं कर सकते।
ओपी शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ये बात मायने नहीं रखती कि विधानसभा के अंदर हमारी संख्या कितनी है। ये उसी तरह का अनुपात है जैसा कौरवों और पांडवों के बीच था।
अगर केजरीवाल ये समझते हैं कि MHA नोटिफिकेशन सही नहीं है तो वो इसके खिलाफ कोर्ट में अर्जी दे सकते हैं।
शुरू हो गया विशेष सत्र
अधिकारों की जंग पर प्रस्ताव लाने के लिए बुलायपा गया दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज दोपहर दो बजे से शुरू हुआ था।
इस विशेष सत्र की शुरूआत पिछले सत्र से लेकर इस सत्र के बीच मृत लोंगों को श्रद्धांजलि देकर हुई। इसके साथ ही नेपाल में आई भूकंप की त्रासदी में मरे लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
इससे पहले सीएम केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया एलजी नजीब जंग से मिलने गए थे। इन तीनों की बैठक करीब आधे घंटे चली।
गृहमंत्रालय के नोटिफिकेशन के खिलाफ सिसोदिया ने पेश किया प्रस्ताव
इस सत्र में विधायकों ने दिल्ली के समस्याओं पर बोलना शुरू किया है। गरमी में पैदा होने वाले पानी के संकट पर सदन का ध्यान आकर्षित कराया गया।
इसके बाद मनीष सिसोदिया ने गृहमंत्रालय द्वारा लाए गए नोटिफिकेशन के खिलाफ सदन में प्रस्ताव रखा। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखे हमलों के साथ अपने भाषण की शुरूआत की।
डिप्टी सीएम सिसोदिया बोले कि केन्द्र सरकार कह रही है कि दिल्ली में स्टेट सर्विस कमीशन नहीं है तो आप ट्रांसफर पोस्टिंग में दखल नहीं दे सकते।
कल को हो सकता है कि केन्द्र सरकार ये भी कह सकती है कि आपके पास कोयले की खदानें नहीं है तो आपको कोयला नहीं मिलेगा। आपके पास हिमालय पर्वत नहीं है पानी के स्रोत नहीं हैं तो आपको पानी लेने का अधिकार नहीं है।
सिसोदिया बोले केंद्र भ्रष्टाचार रोकने के प्रयास को विफल करना चाहता है
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि हमारे सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है भ्रष्टाचार को कम करना। जहां एक तरफ दिल्ली सरकार इसे कम करने की कोशिश कर रही है वहीं केंद्र नोटिफिकेशन लाकर इस पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है।
इसके साथ ही डिप्टी सीएम ने एंटी करप्शन ब्रांच की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद इस ब्रांच ने अभूतपूर्व काम किया है।
उन्होंने आगे कहा कि एंटी-करप्शन ब्रांच के अच्छे काम के बावजूद केंद्र सरकार ने अपने नोटिफिकेशन लाकर केंद्र के कर्मियों पर कोई भी कार्रवाई करने से मना कर दिया है।