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Delhi Election 2020 : गांधीनगर में कांग्रेस बनाम कांग्रेस की लड़ाई, पांचवीं बार मैदान में लवली
Mon, 27 Jan 2020 09:13 PM IST
Mohit Mudgal
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Mon, 27 Jan 2020 09:13 PM IST
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गांधीनगर
- फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर से चार बार विधायक रह चुके हैं। इस बार भी वे चुनावी मैदान में हैं। इस बार उन्हें यहां से जीत का प्रबल दावेदार बताया जा रहा है। लेकिन गांधीनगर की लड़ाई एक मामले में अलग और दिलचस्प है कि यहां के सभी प्रमुख तीनों दावेदार कांग्रेसी पृष्ठभूमि के रहे हैं। इस प्रकार यहां मुकाबला कांग्रेस के वर्तमान और पुराने नेताओं के बीच में है।
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अरविंदर सिंह लवली कांग्रेस के टिकट पर पांचवीं बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं तो भाजपा उम्मीदवार अनिल कुमार वाजपेयी इसके पहले आप, और उसके पहले कांग्रेस में रह चुके हैं। वे कांग्रेस के उम्मीदवार अरविंदर सिंह लवली के करीबी रहे हैं। आरडब्लूए का अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने अपने तत्कालीन विधायक लवली का खूब साथ दिया था। फिलहाल वे इस बार उन्हें चुनौती देते नजर आ रहे हैं।
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आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी नवीन कुमार दीपू चौधरी चुनाव के ठीक पहले पार्टी में शामिल हुए हैं। इसके पहले वे कांग्रेस से टिकट का दावा कर रहे थे। चर्चा है कि पार्टी में अंदरुनी स्तर पर यह सहमति बनी थी कि अरविंदर सिंह लवली लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और विधानसभा चुनाव में दीपू चौधरी को मौका दिया जाएगा। लेकिन विधानसभा में भी लवली को मौका मिलने के बाद उन्होंने अपना पाला बदल लिया और आप के टिकट पर मैदान में आ गए।
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अरविंदर सिंह लवली को इस इलाके से चार बार प्रतिनिधित्व का लाभ मिल रहा है। सर्वसुलभ रहने का उनका स्वभाव, स्थानीय होना और जरूरत में लोगों के काम आना उनके पक्ष में जा रहा है। अनिल कुमार वाजपेयी को पाला बदलने के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं के ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा का 'समर्पित वोटर वर्ग' होने के बाद भी उन्हें इसका नुकसान हो सकता है। वहीं आप उम्मीदवार नवीन कुमार दीपू को अरविंद केजरीवाल सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सकता है।
मुख्य क्षेत्र : गांधीनगर का आजाद नगर एरिया जहां अरविंदर सिंह लवली स्वयं रहते हैं, पंजाबी-सिख बहुल इलाका है। इसके अलावा राजगढ़ कॉलोनी में भी प्रमुख रुप से इसी वर्ग के लोग हैं। कैलाश नगर और धर्मपुरा का इलाका दलित समुदाय बहुलता वाला है तो शास्त्री पार्क, बुलंद मस्जिद, ओल्ड सीलमपुर और सीलमपुर गांव का क्षेत्र मुस्लिम बहुल है। कैलाश नगर, चंद्रपुरी, धर्मपुरा और गांधीनगर में सभी समुदाय के लोग मिश्रित रुप से रहते हैं।
मुद्दे: व्यापारी वर्ग की बहुलता वाले इस इलाके में सीलिंग का मुद्दा बड़ा मुद्दा था जिसने यहां के हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर दिया था। इससे आसपास के गरीब वर्ग की नौकरियों पर भी काफी असर पड़ा था। यही कारण है कि सीलिंग का मुद्दा यहां के लोगों के लिए अभी भी काभी अहमियत रखता है। इसके अलावा आप सरकार की मुफ्त योजनाएं भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। वहीं, मुस्लिम बहुल समुदाय के लोगों का ध्यान एनआरसी ने खींचा जरूर है, लेकिन वोट देते समय उनकी अपनी प्राथमिकता है।
ये कर चुके हैं प्रतिनिधित्व : 1993 में बनी इस विधानसभा सीट पर भाजपा के दर्शन कुमार बहल ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 1998, 2003, 2008 और 2013 में अरविंदर सिंह लवली ने लगातार चार बार जीत दर्ज की थी। पिछले चुनाव में आप प्रत्याशी अनिल कुमार वाजपेयी ने जीत हासिल की थी।