केजरीवाल-मुखी ने खुलकर बताए चुनावी मुद्दे
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आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सत्ता में आने पर वह बिजली का बिल आधा करेगी जबकि दिल्लीवासियों पानी की पूरी सप्लाई मिलेगी। सोमवार को संगम विहार में दिल्ली डायलॉग कैंपेन मेंपार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यह बात कही। उन्होंने वादा किया अगर वह सरकार में आए तो पानी के लिए उन्हें हरियाणा व दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
उन्होंने सोलर एनर्जी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने की बात भी कही। केजरीवाल ने कहा कि इस बार उनकी लड़ाई कांग्रेस से नहीं बीजेपी से है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ढेरो वादे किए मगर पूरा एक भी नहीं किया। सभी वादों पर वह यू टर्न ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सत्ता में आने के बाद सरकार से इस्तीफा नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि संगम विहार में सबसे बड़ी समस्या पानी की है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार रेन वाटर हार्वेस्टिंग और मानसून में यमुना के बाढ़ के पानी को बचाएंगे। जिससे हम अकेले दिल्ली को 100 दिनों से ज्यादा दिनों तक पानी उपलब्ध करा सकते हैं। इस दौरान आप नेता आशुतोष, संजय सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद थे।
दिल्ली को मिलेगा पूर्ण राज्य का दर्जा: मुखी
दिल्ली के पूर्व वित्त मंत्री प्रो. जगदीश मुखी ने कहा है कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी तो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि 1969 में जब महानगर परिषद का गठन किया गया था।
उसी दिन से भाजपा अपने मेनिफेस्टो में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के पक्ष में है। मुखी ने पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की बात सी-4 जनकपुरी में हुई एक सभा के दौरान कही। इस मौके पर भाजपा सांसद फगन सिंह कुलस्ते भी मौजूद रहे।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का टिकट पाने की दौड़ शुरू
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का टिकट पाने की दौड़ शुरू हो गई है। टिकट हासिल करने के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख रविवार को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 70 सीटों पर टिकट के 1100 दावेदारों ने आवेदन किया है। फिलहाल आवेदन पत्रों की छंटनी का काम जारी है। मंगलवार दोपहर को दिल्ली कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में इन आवेदकों के नाम पर चर्चा होगी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह की अध्यक्षता में होने वाली 32 सदस्य चुनाव समिति की बैठक में प्राथमिक स्तर पर आए आवेदकों की सूची पर चर्चा होगी। ऐसे में प्रदेश के नेता अभी से अपनी-अपनी जुगत लगाने में जुट गए हैं। सूची में उनका नाम शामिल है या नहीं? उनके नाम की पैरवी कौन करेगा और चुनावी दंगल में कहां से मौका मिलेगा, इस प्रश्नों का जवाब ढूंढने में नेता जुट गए हैं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि चुनावी दंगल में कूदने को कई ऐसे नेता भी तैयार हैं जो पिछले चुनाव में बड़े मार्जिन से हारे थे। जबकि कांग्रेस ऐसे नेताओं को मौका नहीं देना चाहता। बताया जा रहा है कि चुनाव घोषणा के पूर्व ही कांग्रेस अपनी पहली सूची जारी करने की तैयारी में है। इसमें पिछला चुनाव जीते आठ विधायकों के अलावा दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशियों में से गैर विवादित प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जा सकते हैं।