फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Assembly Election Many leaders taking help of spying companies to keep an eye on their core team

Delhi Assembly Election : गैरों की नहीं, अपनों की भी जासूसी करा रहे नेताजी; मांगी जा रही हैं ये जानकारियां

Sat, 18 Jan 2025 03:29 AM IST
Vikas Kumar गौरव बाजपेई, अमर उजाला, नई दिल्ली
गौरव बाजपेई, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 18 Jan 2025 03:29 AM IST
सार

प्रत्येक केस के लिए उम्मीदवारों से 10 लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक वसूल रही हैं। सत्ता पाने की होड़ में उम्मीदवार भी कंजूसी नहीं बरत रहे हैं। नेता ऐसी जासूसी एजेंसियों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनका नेटवर्क अन्य प्रदेशों में भी हों ताकि वहां से भी इनपुट मिल सके।

विज्ञापन
Delhi Assembly Election Many leaders taking help of spying companies to keep an eye on their core team
दिल्ली विधानसभा चुनाव में जासूसों की एंट्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तिथि करीब आ रही है, प्रत्याशी भी विपक्षी उम्मीदवारों पर हमले तेज कर रहे हैं। जाहिर है हमला तभी कारगर होगा, जब सुबूत और आत्मविश्वास के साथ किया जाए। इसीलिए नेता जी विपक्षी उम्मीदवारों की कमजोर नस पकड़ने और अपने घर के भेदियों के लिए निजी जासूसों का सहारा ले रहे हैं। इससे जासूसी एजेंसियों को भी खूब काम मिल रहा है। एजेंसियों ने भी मतदान तक फिलहाल अन्य कामों को रोककर राजनीतिक जासूसी को प्राथमिकता दे दी है।

विज्ञापन

प्रोफेशनल तरीके से हो रही जासूसी
राजनीतिक जासूसी के एवज में उन्हें अच्छा भुगतान भी मिल रहा है। जासूसी कंपनी हेडफील्ड डिटेक्टिव्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजीत सिंह ने बताया कि चुनाव की घोषणा से काफी पहले ही प्रमुख पार्टियों के नेता जासूसों के संपर्क में आ चुके थे। उम्मीदवार अपने ही घर के भेदियों को पहचानने में अधिक ताकत लगाना चाहते हैं। अपने गढ़ को मजबूत करने के बाद ही दूसरों पर हमला किया जा सकता है। हालांकि, एजेंसियां अपने किसी भी क्लाइंट को यह नहीं बताते कि उनके पास किस पार्टी के कौन से क्लाइंट हैं। गोपनीय जानकारियों के साथ यह जासूस बेहद प्रोफेशनल तरीके से जानकारियां जुटा रहे हैं। जासूसी के लिए उम्मीदवार अपनी ही पार्टी के नेताओं के लिए जासूस नियुक्त कर रहे हैं। अपनी कोर टीम के सदस्यों की जासूसी कराने की मुख्य वजह अन्तर्कलह और रणनीति को प्रतिद्वंदी तक ना पहुंचने देना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

लंबे चुनाव से बढ़ जाता है खर्चा
चुनाव के दौरान बढ़ती मांग के कारण जासूसी एजेंसियों ने अपनी फीस भी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, जितने लंबे समय तक उनकी सेवाएं ली जाती हैं उतना ही अधिक भुगतान करना होता है। जितनी टीमें लगाई जाएंगी उसी अनुसार भुगतान किया जाएगा। प्रत्येक केस के लिए उम्मीदवारों से 10 लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक वसूल रही हैं। सत्ता पाने की होड़ में उम्मीदवार भी कंजूसी नहीं बरत रहे हैं। नेता ऐसी जासूसी एजेंसियों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनका नेटवर्क अन्य प्रदेशों में भी हो ताकि वहां से भी इनपुट मिल सके।

विज्ञापन

हाईटेक हैं जासूस
जासूस नई तकनीक जैसे वॉयस रिकॉर्डर, वॉयस चेंजर, खुफिया कैमरे आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा जीएसएम वॉयस बग व एडॉप्टर प्लग कैमरा का भी प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि, अजीत सिंह ने बताया कि मूलरूप से मानवीय तरीके से बेहतर जानकारी सामने आती है। क्योंकि तकनीकि सिर्फ आपकी मदद कर सकती है।

यह मांग रहे जानकारी
- उम्मीदवार का अपने निर्वाचन क्षेत्र से कैसा जुड़ाव है।
- व्यक्तिगत जीवन की कोई कमी जिसे उजागर कर सके।
- प्रत्याशी का पारिवारिक जीवन कैसा है और मतदान स्तर की सूचना।
- प्रत्याशी की चुनाव प्रचार की रणनीतियां। पिछले दिनों उसने क्या-क्या कहा।
- पार्टी के अंदरखाने की कुछ ऐसी बातें, जिससे अंतर्कलह का पता चले।
- विरोधी के घर कौन-कौन आता-जाता है और कहां से चंदा ले रहा है।
- प्रत्याशी के क्षेत्र में उसके द्वारा किए गए कामों पर फीडबैक।

चार चरणों में जासूसी
- प्रत्याशियों के चयन में, ताकि उनके जीतने की संभावनाओं का पता लगाया जा सके।
- अपने ही कार्यकर्ताओं की जासूसी करवाती हैं, ताकि जान सकें कि कहीं कोई विपक्षियों का भेदिया तो नहीं है।
- अन्य दलों की चुनावी रणनीति व गतिविधियों पर नजर रखने के लिए, ताकि उसी के अनुसार वे जवाबी रणनीति बना सकें।
- अपने द्वारा किए गए वादों औऱ कामों को लेकर जनता में प्रतिक्रिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed